उत्तर भारत में फिर बदलेगा मौसम, पंजाब-दिल्ली और यूपी समेत कई राज्यों में बारिश की संभावना - weather to change again in north india rain likely in several states including punjab delhi ncr and up aaj ka mausam kaisa rahega - Jagran

उत्तर भारत में फिर बदलेगा मौसम, पंजाब-दिल्ली और यूपी समेत कई राज्यों में बारिश की संभावना - weather to change again in north india rain likely in several states including punjab delhi ncr and up aaj ka mausam kaisa rahega - Jagran

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उत्तर भारत में मानसून की वापसी के बाद अब पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश की संभावना है। 6 से 12 ...और पढ़ें उत्तर भारत में बदलेगा मौसम का मिजाज (फाइल फोटो) HighLights उत्तर भारत में...

उत्तर भारत में मानसून की वापसी के बाद अब पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश की संभावना है। 6 से 12 ...और पढ़ें उत्तर भारत में बदलेगा मौसम का मिजाज (फाइल फोटो) HighLights उत्तर भारत में मानसून के बाद पश्चिमी विक्षोभ से बारिश। 6 से 12 अक्टूबर के बीच दो विक्षोभ सक्रिय होंगे। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी में वर्षा की संभावना। जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। मानसून की वापसी के बाद भी उत्तर भारत में बारिश अभी बाकी है। अब पश्चिमी विक्षोभ से बारिश होगी। पहाड़ों में छह अक्टूबर से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है, जिसके असर से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश बारिश हो सकती है। छह से लेकर 12 अक्टूबर के बीच दो पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित कर सकते हैं। स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत के मुताबिक मौसम में बदलाव सोमवार से दिखाई देने लगेगा। अभी तक उत्तर प्रदेश और राजस्थान से मानसून पूरी तरह विदा हो चुका है, जबकि बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी इसकी वापसी हो गई है। इसी बीच उत्तर-पश्चिम से हवाओं का रुख बदलने लगा है। सोमवार को चक्रवाती परिसंचरण बन सकता है, जिसके बाद छह अक्टूबर से पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव बढ़ेगा। इसके चलते जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। मंगलवार से प्रभावी होगा पहला पश्चिमी विक्षोभ पहला पश्चिमी विक्षोभ मंगलवार के आसपास प्रभावी होगा। दूसरे को 10 से 12 अक्टूबर के बीच मजबूत होना है। हिमाचल में नौ और 10 अक्टूबर को बारिश की की संभावना है। पंजाब में सात अक्टूबर से रुक-रुककर बारिश हो सकती है, जबकि हरियाणा और दिल्ली में हल्की वर्षा के दौर बन सकते हैं। 10 अक्टूबर के बाद इसका असर राजस्थान तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि मैदानी क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता अधिक रहने के आसार नहीं हैं। यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि उत्तर भारत में वर्षा का आधार अब बदल रहा है। जून से सितंबर तक बारिश मानसूनी परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी पर निर्भर रहती है। हाल के दिनों में मानसून की वापसी के साथ-साथ यह व्यवस्था कमजोर हो रही है। पश्चिमी विक्षोभ की भूमिका बढ़ रही है। आईएमडी के अनुसार मानसून की विदाई सिर्फ वर्षा कम होने से तय नहीं होती, बल्कि नमी में कमी और निचले वायुमंडल में साइक्लोनिक सर्कुलेशन जैसे संकेत भी देखे जाते हैं। इस मौसम बदलाव का असर खेती पर भी पड़ेगा। खरीफ फसलों की कटाई शुरू हो चुकी है। कई क्षेत्रों में किसान रबी की तैयारी में जुटने वाले हैं। किसानों की बढ़ सकती परेशानी अक्टूबर की वर्षा कटाई के दौरान किसानों की परेशानी बढ़ा सकती है। खासकर जहां फसल खेत में पड़ी है। पर्याप्त वर्षा से खेतों में नमी बढ़ने पर गेहूं, सरसों और चने जैसी रबी फसलों की शुरुआती बोआई के लिए परिस्थितियां बेहतर हो सकती हैं। जाहिर है, अक्टूबर की शुरुआत में देश में मौसम की अलग-अलग तस्वीरें दिखेंगी। उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ बारिश लाएगा, जबकि मानसून की वापसी के बाद पश्चिमी हवाओं का प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ने से दिन के तापमान में गिरावट और रात की ठंडक की शुरुआत का रास्ता भी साफ होगा। Source: Google India

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