‘श्रमिकों के हक की लड़ाई आखिरी सांस तक जारी रहेगी’, गिरल माइंस आंदोलन में आठवें दिन भी डटे रविंद्र भाटी

 ‘श्रमिकों के हक की लड़ाई आखिरी सांस तक जारी रहेगी’, गिरल माइंस आंदोलन में आठवें दिन भी डटे रविंद्र भाटी

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बाड़मेर जिले की गिरल लिग्नाइट माइंस में श्रमिकों और ग्रामीणों का आंदोलन लगातार आठवें दिन भी जारी रहा। पिछले एक महीने से विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे मजदूरों के समर्थन में...

बाड़मेर जिले की गिरल लिग्नाइट माइंस में श्रमिकों और ग्रामीणों का आंदोलन लगातार आठवें दिन भी जारी रहा। पिछले एक महीने से विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे मजदूरों के समर्थन में अब बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएँ और बुजुर्ग भी धरनास्थल पर पहुंचने लगे हैं। बढ़ती भीड़ के बीच यह आंदोलन अब जनआंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है। धरनास्थल पर डटे रहे विधायक रविंद्र सिंह भाटी शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी लगातार आठवें दिन भी आंदोलनकारियों के बीच मौजूद रहे। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह सिर्फ मजदूरों की लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के सम्मान, अधिकार और भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने कंपनी प्रबंधन पर स्थानीय लोगों की अनदेखी और शोषण का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक श्रमिकों और स्थानीय युवाओं को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा। महिलाओं और बुजुर्गों की बढ़ी भागीदारी धरने में महिलाओं और बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आई। ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि यह संघर्ष केवल रोजगार का नहीं, बल्कि परिवारों के भविष्य और सम्मान का सवाल है। वहीं, बुजुर्गों ने क्षेत्रीय संसाधनों पर स्थानीय लोगों का पहला अधिकार बताते हुए कंपनी की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। इधर, श्रमिकों ने प्रमुख मांगों को दोहराते हुए कहा कि आंदोलनकारी श्रमिकों ने कहा कि जब तक कंपनी लिखित रूप से मांगें नहीं मानती, तब तक धरना जारी रहेगा। ये हैं प्रमुख मांगे खदान में 8 घंटे की ड्यूटी लागू करना स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देना उच्चकुशल श्रेणी के अनुसार वेतन देना धरने पर बैठे श्रमिकों का बकाया वेतन जारी करना बोनस एक्ट 1965 के तहत बोनस देना श्रमिकों के लिए आईडी कार्ड, वीटीसी, हाजरी कार्ड, गेट पास और वेतन स्लिप उपलब्ध कराना कैंटीन सुविधा शुरू करना कंपनी और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर ये भी पढ़ें- जयपुर में 100 करोड़ की जमीन पर कब्जे का विवाद: भू-माफिया पर कार्रवाई करने वाले पुलिस अफसरों पर गिरी गाज धरनास्थल पर लगातार नारेबाजी, जनसभाएं और समर्थन का सिलसिला जारी है। अब आंदोलनकारी और स्थानीय लोग कंपनी प्रबंधन और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं। Source: Amar Ujala Raj

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