शैक्षिक विकास में सतत सक्रिय कुलदीप व्यास इस बार भी नवाजे जायेगे भामाशाह प्रेरक सम्मान से (सेवानिवृत व्यास राष्ट्रपति शिक्षक सम्मान सहित अंतर्राष्ट्रीय सम्मान व अनेको सम्मान से हो चुके है सम्मानित)

शैक्षिक विकास में सतत सक्रिय कुलदीप व्यास इस बार भी नवाजे जायेगे भामाशाह प्रेरक सम्मान से   (सेवानिवृत व्यास राष्ट्रपति शिक्षक सम्मान सहित अंतर्राष्ट्रीय सम्मान व अनेको सम्मान से हो चुके है सम्मानित)

मनोज पारीक — राजस्थान

सेवानिवृति के बाद भी जुड़े है नगर की अनेको सेवा भावी संस्थाओ से

वर्तमान के चल रहे अर्थ प्रधान समय मे बिना अपने स्वार्थ के कोई किसी को एक रुपया नही देता और ना ही कही खर्च करता परन्तु ठीक इसके विपरीत रतनगढ़ की धरती के जाये जन्मे एक लाल कुलदीप व्यास जिन्होंने नगर के भामाशाहो को प्रेरित करते हुये उनसे रतनगढ़ उपखंड की अनेको राजकीय शिक्षण संस्थाओ मे करोड़ो रुपयों की लागत से शिक्षा के लिए चिर स्थायी कार्य करवा डाले।  दानदाता भामाशाहों को प्रेरित कर राजकीय विद्यालयों को संवारने में जुटे राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त सेवानिवृत्त शिक्षाधिकारी कुलदीप व्यास इस बार भी लगातार चौथी बार राज्य स्तरीय भामाशाह प्रेरक पुरस्कार से सम्मानित होने जा रहे है। विगत चार वर्षों से निरंतर यह सम्मान प्राप्त करने वाले व्यास इससे पूर्व भी भामाशाह प्रेरक सम्मान,राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान , तेजकरण डांडिया पुरस्कार , शिवनारायण रावत सम्मान सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काठमांडू ( नेपाल ) में भी सम्मानित हो चुके हैं। प्रयोगशाला सहायक के पद से शिक्षा विभाग की सेवा प्रारंभ करने वाले व्यास ने संस्था प्रधान के रूप में अपने विद्यालयों को छः बार सर्वश्रेष्ठ विद्यालय के रूप में पुरस्कृत करवाया। रतनगढ़ तहसील के लोहा जैसे छोटे से गाँव को खेलकूद के क्षेत्र हैंडबॉल हब के रूप में पहचान दिलाने में सक्रिय भूमिका का निर्वहन कर अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व सहित राज्य व जिला स्तर पर विजेता के रूप में भी गौरवान्वित करवाया। व्यास जहां भी कार्यरत रहे उन विद्यालयों की चहुंमुखी प्रगति एवं उत्कृष्ट उपलब्धियों के साथ स्वयं की बहुआयामी विशिष्टताओं से अपने कार्यकाल को स्वर्णिम बनाया। भामाशाहों के सहयोग से विभिन्न विद्यालयों में विशाल सभा भवन,भव्य स्वागत कक्ष,कार्यालय कक्ष,कम्प्यूटर कक्ष , शौचालय ब्लॉक्स , विद्यालय वाटिका , जल मन्दिर , सरस्वती मन्दिर , कलामंच आदि निर्मित करवाने के कार्य में सेवा निवृत्ति के बाद भी पूरी ऊर्जा के साथ जुटे हुए हैं। विगत एक दशक में राजकीय विद्यालयों में करोड़ों रुपए का विकास कार्य करवाने वाले व्यास द्वारा गत वित्तीय वर्ष में रतनगढ़ के भामाशाह जोधराज बैद परिवार के आर्थिक सौजन्य से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लूंछ में भव्य सभागार निर्माण , एम.जी जी.एस पंडितपुर व राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लोहा में फर्नीचर , राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय हुडेरा में शौचालय ब्लॉक बनवाने और विभिन्न विद्यालयों में इंटरेक्टिव बोर्ड स्थापित करवाकर 50 लाख से अधिक का कार्य करवाया है तथा वर्तमान मे तीन विद्यालयों में चालीस लाख से अधिक का निर्माण कार्य जारी है। कुलदीप  शैक्षिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के अलावा निराश्रित , बेसहारा , विमंदित और बीमार लोगों की सेवार्थ रतनगढ़ में संचालित प्रेरणादायी प्रकल्प अपना घर आश्रम के संस्थापक सचिव के रूप में भी समर्पित व निस्वार्थ भाव से अपनी सेवा दे रहे हैं।

https://jgnews.live/article/shaikshik-vikas-men-stt-skriy-kuldeep-vyas-is-bar-bhee