Shahpura: तिरंगा लेकर गंदे पानी में उतरे ग्रामीण, बोले- जलभराव से कब मिलेगी आजादी? नगर परिषद के खिलाफ नारेबाजी
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देशभर में शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया जा रहा था और जगह-जगह तिरंगा शान से लहरा रहा था। इसी बीच शाहपुरा में वार्ड 5 और 6 के ग्रामीणों ने अलग अंदाज में अपना विरोध...
देशभर में शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया जा रहा था और जगह-जगह तिरंगा शान से लहरा रहा था। इसी बीच शाहपुरा में वार्ड 5 और 6 के ग्रामीणों ने अलग अंदाज में अपना विरोध दर्ज कराया। हाथों में तिरंगा लेकर ग्रामीण गंदे और बरसाती पानी में उतर गए और नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना था कि देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी मिले 80 साल हो गए लेकिन वे आज भी जलभराव और गंदगी की समस्या से जूझ रहे हैं। वार्ड 5 और 6 के आम रास्ते पर लंबे समय से गंदा और बरसाती पानी जमा होने से ग्रामीण परेशान हैं। स्वतंत्रता दिवस पर ग्रामीणों ने इसी पानी के बीच खड़े होकर नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। नालियों की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी और घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर जमा हो जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक कई दिनों तक पानी जमा रहने से रास्ता दलदल में बदल जाता है। इसी रास्ते से स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य राहगीरों को मजबूरी में गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ समय पहले इसी रास्ते से शवयात्रा को भी गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा था। इसका वीडियो सामने आने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई। ये भी पढ़ें: बारां में दर्दनाक हादसा: खेत पर करंट की चपेट में आईं तीन मासूम सगी बहनें, मौके पर हुई मौत, परिवार में मातम तिरंगा हाथ में लेकर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने एसडीएम, तहसीलदार और नगर परिषद आयुक्त को मौके पर बुलाने की मांग की। अधिकारियों के तत्काल मौके पर नहीं पहुंचने से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में तहसीलदार और नगर परिषद के एईएन मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी की मदद से गंदे पानी की अस्थायी निकासी कराई गई। इसके बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि केवल पानी निकाल देना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नालियों और पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों के अनुसार जिस क्षेत्र में जलभराव की समस्या बनी हुई है, वह भाजपा मंडल अध्यक्ष एवं निवर्तमान पार्षद के वार्ड में आता है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस पर ग्रामीणों का तिरंगा लेकर गंदे पानी में उतरकर प्रदर्शन करना नगर परिषद प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों के लिए भी सवाल खड़े करता है। फिलहाल अधिकारियों ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि अस्थायी निकासी के बाद वार्ड 5 और 6 में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। Source: Amar Ujala Raj
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