शाह ने देश की पहली LNG ट्रेन को हरी-झंडी दिखाई:टैंक फुल होने पर 2200 किमी चलेगी, LNG और डीजल के बीच स्विच कर सकेगा इंजन
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को गुजरात में 1,542 करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने भारत की पहली LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) से चलने...
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को गुजरात में 1,542 करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने भारत की पहली LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) से चलने वाली ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि 2015-16 में रेलवे ने 293 करोड़ लीटर डीजल की खपत की। यह आंकड़ा 2024-25 में घटकर 108 करोड़ लीटर रह गया है और 2030 तक हम इसे शून्य तक ले आएंगे, जिससे भारतीय मुद्रा की बचत होगी। यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है जिस पर अक्सर ध्यान नहीं जाता। उन्होंने आगे कहा कि यह ट्रेन पर्यावरण संबंधी चिंताओं का समाधान करती है, यात्रियों की सुविधा बढ़ाती है और सुरक्षा को मजबूत करती है। यह ट्रेन पूरी तरह से LNG बेस्ड होगी। हालांकि, इसका इंजन LNG और डीजल दोनों पर चल सकता है। यानी कि फ्यूल की मात्रा के हिसाब से इंजन LNG और डीजल के बीच स्विच कर सकता है। LNG ट्रेन एक बार में 2200 किमी जा सकती है ट्रेन की खास बात यह है कि यह एक बार पूरी तरह से भरे टैंक में 2200 किलोमीटर तक की लंबी दूरी तय कर सकती है। 2,000 किमी से ज्यादा का फील्ड ट्रायल रहा सफल इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत 1400 HP क्षमता वाले दो ड्राइविंग पावर कार (DPC) को LNG ड्यूल-फ्यूल प्रणाली में ट्रांसफॉर्म किया गया है। ट्रेन का 2,000 किलोमीटर से अधिक का सफल फील्ड ट्रायल पूरा किया जा चुका है। गुजरात के मेहसाणा और साबरमती के बीच करीब 8 महीनों तक ट्रेन का ट्रायल हुआ। आने वाले समय में 8 से 10 और ट्रेनों में एलएनजी तकनीक को अपनाने की योजना है। ट्रेन के इंजन के अंदर की दो तस्वीरें… प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी: DRM अहमदाबाद के डीआरएम वेद प्रकाश ने बताया कि एलएनजी डीजल से सस्ता होने के कारण ट्रेन चलाने की कुल लागत कम हो जाती है। एलएनजी ईंधन से प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी। इससे कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और धूल के कण जैसे हानिकारक तत्व कम मात्रा में उत्पन्न होंगे। इससे रेलवे ट्रैक के आसपास की हवा भी शुद्ध रहेगी। इसके साथ ही, ईंधन की लागत में भी काफी बचत होगी। वेद प्रकाश ने आगे बताया कि एलएनजी ईंधन प्रणाली के साथ इंजन की पॉवर में कोई कमी नहीं आती। इंजन की पॉवर डीजल इंजन के समान ही बनी रहती है। एक एलएनजी टैंक से डीपीसी ट्रेन लगभग 2200 किलोमीटर तक चल सकती है, इसलिए बार-बार फ्यूल भरने की जरूरत नहीं होती। इसके अलावा अमित शाह रेलवे से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण भी करेंगे। 700 करोड़ की लागत से नया लोकोमोटिव शेड साबरमती में करीब 700 करोड़ रुपए की लागत से WAG-12 लोकोमोटिव मेंटेनेंस शेड बनाया गया है। यहां करीब 12,000 HP क्षमता वाले 300 WAG-12 इलेक्ट्रिक मालगाड़ी इंजनों के रखरखाव की सुविधा होगी। ये इंजन भारी और लंबी मालगाड़ियों को चलाने के लिए तैयार किए गए हैं। साबरमती-सारखेज रेल लाइन होगी डबल करीब 313.27 करोड़ रुपये की लागत से साबरमती-सारखेज रेल लाइन के 21 किलोमीटर हिस्से को डबल करने का काम भी किया जाएगा। इसे मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। परियोजना में साबरमती, गांधीग्राम, वस्त्रापुर और सारखेज स्टेशनों के साथ पुलों और रोड अंडरपास से जुड़े काम भी शामिल हैं। रेल लाइन के दोहरीकरण से ट्रेनों की आवाजाही बेहतर होने, सारखेज-धोलेरा क्षेत्र की कनेक्टिविटी बढ़ने और औद्योगिक व व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य रेलवे सुरक्षा बढ़ाना, ट्रेनों की परिचालन क्षमता में सुधार करना और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है। ------------------ ये खबर भी पढ़ें… भारत में पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू:हरियाणा में जींद से सोनीपत तक 89km का रूट; PM बोले- यह दुनिया में सबसे लंबी और ताकतवर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन जींद से सोनीपत के लिए रवाना हुई। इसके साथ ही भारत हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन शुरू करने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया। Source: Dainik Bhaskar
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