राहुल का 6 घंटे धरना, तब पैलेटगन मामले में FIR:कोई नामजद नहीं, प्रदर्शनकारी बोला-आंख खराब हुई; राहुल छात्र के साथ थाने से रवाना


                 राहुल का 6 घंटे धरना, तब पैलेटगन मामले में FIR:कोई नामजद नहीं, प्रदर्शनकारी बोला-आंख खराब हुई; राहुल छात्र के साथ थाने से रवाना

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Hindi News National Rahul Gandhi Protest LIVE; CJP Protest Pellet Gun Attack Case | Sansad March Row Delhi Police नई दिल्ली 2 मिनट पहले लेखक: एजेंसी इनपुट के साथ सुनील मौर्य कॉपी...

Hindi News National Rahul Gandhi Protest LIVE; CJP Protest Pellet Gun Attack Case | Sansad March Row Delhi Police नई दिल्ली 2 मिनट पहले लेखक: एजेंसी इनपुट के साथ सुनील मौर्य कॉपी लिंक राहुल गांधी ने संसद मार्ग थाने के बाहर मीडिया को पीड़ित छात्र को लगे पैलेट गन के छर्रे दिखाए थे दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर प्रदर्शनकारी छात्र साहिल की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली है, लेकिन मामला अज्ञात पर दर्ज किया गया है। साहिल का आरोप है कि पैलेट छर्रे लगने से उसकी आंख की रोशनी चली गई। FIR दर्ज करवाने तक राहुल थाने के बाहर ही बैठे रहे। वे शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 बजे से संसद मार्ग थाने पहुंचे थे। जब उनकी मांग नहीं मानी गई, तो वे DCP से मिले। बातचीत का नतीजा न निकलने पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा था कि जब तक FIR दर्ज नहीं होगी, वे हटेंगे नहीं। इसके बाद 5.30 बजे पुलिस ने प्रोसेस शुरू की। इससे पहले राहुल ने साहिल को लगे छर्रे दिखाकर कहा था- ‘पैलेट गन चलने के सबूत हैं। ये छर्रे साहिल के शरीर से निकले हैं। अगर पुलिस ने गन नहीं चलाई तो किसने चलाई है। पुलिस कह रही है कि उन्हें FIR नहीं करने के ऊपर से निर्देश हैं।’ पहले मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन गए और FIR दर्ज करने की मांग की राहुल के साथ प्रियंका गांधी, अधीर रंजन चौधरी, सलमान खुर्शीद और जयराम रमेश भी मौजूद थे। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शन कर रहे छात्र साहिल घायल हो गए थे। राहुल के धरने की 5 तस्वीरें… दोपहर 12 बजे राहुल अचानक संसद मार्ग थाने पहुंचे। दोपहर 12.15 बजे राहुल, पीड़ित छात्र साहिल और उनकी मां के साथ ऑफिस में डीसीपी से मुलाकात की। दोपहर 12.30 बजे राहुल डीसीपी ऑफिस से निकलकर थाने के बाहर जमीन पर धरने पर बैठे। दोपहर 1.30 बजे राहुल के साथ साहिल, उनकी मां और प्रियंका गांधी भी मौजूद हैं। दोपहर 1.35 बजे संसद मार्ग थाने की सुरक्षा बढ़ाई गई है। यहां पर रैपिड एक्शन फोर्स भी तैनात की गई है। राहुल गांधी के धरने से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग को देखें… . अपडेट्स 4 मिनट पहले कॉपी लिंक थाने के बाहर प्रदर्शनकारी और पुलिस में झड़प, 2 वीडियो 21 मिनट पहले कॉपी लिंक थाने से साहिल के साथ निकले राहुल, कार्यकर्ताओं की भीड़ 27 मिनट पहले कॉपी लिंक साहिल की मां की शिकायत पर दर्ज हुई FIR दिल्ली पुलिस ने साहिल की मां की शिकायत पर FIR दर्ज की है। इस FIR के मुताबिक अज्ञात आरोपियों पर BNS की धारा 118 और 125 के तहत आरोप लगाए गए हैं। धारा 118 जानबूझकर खतरनाक हथियारों या खतरनाक साधनों से किसी को चोट पहुंचाने पर लगती है। वहीं, धारा 125 किसी भी ऐसे लापरवाही या उतावलेपन भरे काम पर लागू होती है, जिससे दूसरों की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा खतरे में पड़ जाए। FIR की कॉपी… संसद मार्ग थाने में साहिल की शिकायत पर दर्ज FIR… 39 मिनट पहले कॉपी लिंक राहुल गांधी बोले- ये न्याय की तरफ पहला कदम है FIR लिखे जाने के बाद साहिल के परिवार के साथ बाहर आए राहुल गांधी ने कहा कि हमने यहां आकर कुछ नया नहीं किया। लेकिन हमें यहां 8 घंटे लग गए, अपनी शिकायत दर्ज करवाने के लिए। ये न्याय की तरफ पहला कदम है। राहुल ने कहा- पुलिसवाले शिकायत दर्ज करना चाहते थे, लेकिन उन्हें ऊपर से रोककर रखा गया था। 45 मिनट पहले कॉपी लिंक थाने के बाहर नारेबाजी कर रहे प्रदर्शनकारी गेट पर चढ़े, 2 वीडियो 52 मिनट पहले कॉपी लिंक FIR लिखे जाने के बाद भी थाने के बाहर बैठे राहुल गांधी 12:50 PM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक जंतर-मंतर प्रदर्शन से FIR होने तक, पूरी जानकारी दे रहे हैं सुनील 12:35 PM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक संसद मार्ग थाने के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रास्ता जाम किया, 3 वीडियो 12:23 PM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक दिल्ली पुलिस FIR लिखने कैसे तैयार हुई, बता रहे हैं सुनील मौर्य 12:13 PM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक साहिल लबलोच की शिकायत में लिखे 7 पॉइंट राहुल गांधी जिस पीड़ित साहिल को लेकर थाने पहुंचे है, उसने 14 अगस्त को एक शिकायत लिखी थी, उसमें 7 अहम पॉइंट लिखे हैं… गंभीर चोट और आंख की रोशनी जाना: प्रदर्शन के दौरान 19 वर्षीय छात्र साहिल पर सुरक्षाबलों (दिल्ली पुलिस, RAF / CRPF) पर पैलेट गन से 5 से 6 बार फायरिंग की गई। इसके कारण साहिल की दाहिनी आंख की रोशनी 1% से भी कम बचने की संभावना डॉक्टर ने जताई है। शरीर में 200 से अधिक छर्रे: एम्स में हुई सीटी स्कैन की जांच के अनुसार, साहिल के शरीर (गर्दन, चेहरे, जबड़े और दाहिनी आंख के गड्ढे) में 200 से अधिक छर्रे फंसे हुए हैं, जिन्हें नस के पास होने के कारण निकाला नहीं जा सकता। डॉक्टरों का रिकॉर्ड: शिकायत में साफ लिखा है कि इलाज करने वाले एम्स के डॉक्टर ने अपनी पर्ची और मेडिकल रिकॉर्ड में यह स्पष्ट रूप से दर्ज किया है कि ये चोटें पैलेट गन लगने के कारण ही आई हैं। भविष्य और करियर की बर्बादी: साहिल ने लिखा है कि उसका सपना दिल्ली पुलिस में भर्ती होने का था, लेकिन इस चोट के बाद अब उसे वह नौकरी कभी नहीं मिल सकती और उसकी पढ़ाई भी रुक गई है। उसके पिता विकलांग हैं और वह घर का सबसे बड़ा बेटा है। पुलिस द्वारा शिकायत दर्ज करने से इनकार: जब साहिल की मां और वकील 14 अगस्त 2026 को कनॉट प्लेस थाने शिकायत देने गए, तो पुलिस अधिकारियों (इंस्पेक्टर बाबू लाल और एएसआई बलविंदर) ने मामला क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर होने का हवाला देकर शिकायत लेने और रिसीविंग देने से मना कर दिया। उन्हें अलग-अलग थानों (संसद मार्ग और आर.के. पुरम क्राइम ब्रांच) के चक्कर कटवाए गए। साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग: साहिल ने मांग की है कि घटना के दिन (20 जुलाई) के जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के आसपास के सीसीटीवी फुटेज, पुलिस और RAF के बॉडी वॉर्म कैमरे तथा ड्रोन की वीडियो फुटेज तुरंत सुरक्षित की जाए, ताकि सबूत मिट न सकें। दोषियों पर कार्रवाई की मांग: शिकायत में मांग की गई है कि उस दिन तैनात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लिस्ट मंगवाकर यह पता लगाया जाए कि गोली चलाने का हुक्म किसने दिया और गोली किसने चलाई। साथ ही, ऑपरेशन के दौरान निकाले गए छर्रों को जांच के लिए FSL भेजा जाए। 11:43 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक कांग्रेस बोली- कानून में जीरो FIR का प्रावधान, फिर भी पुलिस तैयार नहीं दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव कहते हैं, "देश में तानाशाही साफ तौर पर बढ़ती दिख रही है। एक साधारण FIR के लिए, शिकायतकर्ता अपनी मेडिकल रिपोर्ट लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचता है। पैलेट-गन हमले में उसकी एक आंख चली गई है। वह मेडिकल रिपोर्ट लाता है, फिर भी पुलिस FIR दर्ज करने को तैयार नहीं है। यह वही देश है जहां कानून में 'जीरो FIR' का प्रावधान है, जिसके तहत कोई भी व्यक्ति किसी भी इलाके से FIR दर्ज करा सकता है, चाहे घटना कहीं भी हुई हो...।" 11:29 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक कनॉट प्लेस थाने में राहुल गांधी और साहिल का वीडियो 10:58 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक कांग्रेस कार्यकर्ता थाने के बाहर नारेबाजी कर रहे- दिल्ली पुलिस FIR दर्ज करो 10:52 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक उत्तराखंड के पूर्व CM हरीश रावत बोले- मैं कार चोरी की शिकायत करने आया था उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दैनिक भास्कर से कहा- मैं कार चोरी की शिकायत दर्ज कराने आया हूं। पुलिस ने रोक लिया है। 10:37 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक रविशंकर बोले- जांच के बीच में कांग्रेस प्रदर्शन क्यों कर रही है BJP सांसद रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी के धरने को ध्यान भटकाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को समझ आ गया है कि वंदे मातरम के मुद्दे पर उसका रुख गलत था। प्रसाद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने रुख को लेकर फंस गई है और इसी से ध्यान हटाने के लिए राहुल गांधी धरना दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल ने बिना अनुमति और पूर्व सूचना के प्रदर्शन किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मामले की जांच पहले से चल रही है, तो कांग्रेस ने जांच के दौरान प्रदर्शन क्यों किया। प्रसाद ने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनाई गई हाईपावर्ड कमेटी के सामने भी है। 10:21 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक राहुल पहले कनॉट प्लेस थाने और फिर पुलिस हेडक्वार्टर गए थे राहुल गांधी पहले कनॉट प्लेस थाने गए थे। उसके बाद पुलिस हेडक्वार्टर और उससे लगे हुए संसद मार्ग थाने गए। यहीं DCP का ऑफिस भी है। 10:21 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक थाने के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता चरखा चलाकर विरोध कर रहे 10:09 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक नड्डा बोले- राहुल गांधी का धरना न्याय के लिए नहीं, मीडिया में बने रहने की कोशिश केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि यह प्रदर्शन छात्रों या न्याय के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक हताशा और मीडिया का ध्यान खींचने के लिए किया जा रहा है। नड्डा ने कहा कि 20 जुलाई की घटना पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही संज्ञान ले चुका है और पूर्व जज की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय कमेटी इसकी जांच कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि जब कोर्ट मामले की जांच कर रहा है, तो राहुल गांधी थाने के बाहर बैठकर क्या साबित करना चाहते हैं। नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस वंदे मातरम को लेकर हो रही आलोचना से ध्यान भटकाने के लिए प्रदर्शन कर रही है। 10:00 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक कांग्रेस नेता जयराम रमेश बोले- नंबर मिलने तक नहीं हटेंगे कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मांग की है कि साहिल के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर FIR दर्ज की जाए और उसका नंबर दिया जाए। रमेश ने कहा कि पार्टी करीब दो घंटे से FIR की मांग कर रही है, लेकिन अभी तक कोई आश्वासन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि FIR नंबर मिलने तक राहुल गांधी और अन्य नेता थाने के बाहर धरने पर बैठे रहेंगे। 09:38 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक कांग्रसे नेता-कार्यकर्ता थाने के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे हैं 08:59 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक राहुल ने ऑफिस में डीसीपी से मुलाकात की राहुल ने पैलेट गन मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की। राहुल ने ऑफिस में डीसीपी से मुलाकात की। राहुल के साथ घायल छात्र, उसके परिजन और वकील मौजूद थे। 08:57 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक राहुल बोले- 2 बार FIR नहीं हुई, पुलिस बोली- सभी मामलों की जांच क्राइम ब्रांच कर रही राहुल गांधी का पक्ष- राहुल गांधी का आरोप है कि 20 जुलाई के प्रदर्शन में साहिल पैलेट गन से घायल हुए। 14 अगस्त को उन्होंने दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। लेकिन उन्हें शिकायत की रिसीव नहीं दी गई। 17 अगस्त को ईमेल और फोन से भी शिकायत पर कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। राहुल गांधी शुक्रवार को साहिल के साथ DCP कार्यालय पहुंचे और FIR दर्ज करने की मांग की। पुलिस का पक्ष- दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शिकायत पीड़ित ने खुद दी है। 20 जुलाई को दर्ज सभी मामलों की जांच पहले से क्राइम ब्रांच कर रही है। पुलिस ने शिकायतकर्ता को बताया है कि उसकी शिकायत भी क्राइम ब्रांच को भेजी जाएगी। नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा राहुल गांधी के लगातार संपर्क में हैं। 08:57 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक 29 जुलाई: राहुल ने संसद में कहा था- गृहमंत्री ने छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश दिया राहुल ने संसद में अपनी स्पीच में आरोप लगाया था कि दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गृहमंत्री ने गोली और पैलेट गन चलाने की अनुमति दी। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने इसे गंभीर और निराधार आरोप बताते हुए राहुल से माफी की मांग की। राहुल ने ये भी कहा, 'मैंने कई छात्रों से बातचीत की। खासकर लवली नाम की एक 18 साल की छात्रा से। राहुल ने उसी बातचीत का हवाला देते हुए 'इडियट' और 'अंधभक्त' वाले उदाहरण दिए। सत्ता पक्ष ने इसे असंसदीय बताया। स्पीकर ओम बिड़ला ने इन शब्दों को कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया। 08:52 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक संसद मार्ग थाने के बाहर से जानकारी देते रिपोर्टर सुनील मौर्य 08:42 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक राहुल गांधी बोले- पुलिस ने नहीं तो पैलेट गन किसने चलाई राहुल ने कहा, 20 जुलाई को पैलेट गन का प्रयोग हुआ। इसका सबूत पैलेट के छर्रे हैं। इनके (पीड़ित प्रदर्शनकारी) शरीर में 200 छर्रे हैं। 3 इनकी आंख में है। एम्स की रिपोर्ट में साफ लिखा है कि इनके शरीर में 200 से ज्यादा छर्रे हैं। आंख में 3 छर्रे हैं। इस आंख से अब वो नहीं देख पाएंगे। इनके दिल के पास छर्रे हैं, जिनको छुआ नहीं जा सकता। दिल्ली पुलिस ने कहा कि हमने छर्रे नहीं चलाए। अगर आपने पैलेट नहीं चलाई तो फिर चलाने को किसने कहा। मैं सिर्फ इतना कह रहा हूं कि FIR दर्ज कीजिए। ये जब तक नहीं होगा, हम यहां से हिलने वाले नहीं है। मेरे साथ बच्चे के माता-पिता हैं। पुलिस कह रही है कि ऊपर से ऑर्डर है, FIR नहीं हो सकती। हमारी सिर्फ एक मांग है- FIR और इन्वेस्टीगेटिव ऑफिसर का नाम बता दीजिए। 08:33 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर नारेबाजी की राहुल गांधी के धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 'राहुल जी संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं', 'मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी' जैसे नारे लगाए। 08:31 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक थाने में सुरक्षा बढ़ाई, रैपिड एक्शन फोर्स पहुंची 08:07 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक प्रियंका गांधी भी संसद मार्ग थाने पहुंचीं 07:52 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक दिल्ली पुलिस बोली- पीड़ित की शिकायत क्राइम ब्रांच को भेजी जाएगी न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने कहा- DCP सचिन शर्मा राहुल गांधी के संपर्क में हैं। शिकायत पीड़ित ने दर्ज कराई थी। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच 20 जुलाई को दर्ज सभी मामलों की जांच पहले से ही कर रही है। शिकायतकर्ता को बताया गया है कि उसकी शिकायत भी क्राइम ब्रांच को भेजी जाएगी। 07:49 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक राहुल के साथ पीड़ित छात्र और उसकी मां भी धरने पर बैठीं 07:45 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक भास्कर नॉलेजः भारत में पैलेट गन को लेकर क्या नियम हैं? भारत में पैलेट गन पूरी तरह बैन नहीं है। इसके इस्तेमाल के लिए गृह मंत्रालय (MHA) के दिशा-निर्देशों के तहत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाई गई है। सरकार के मुताबिक, पैलेट गन कम घातक हथियार है। इसका इस्तेमाल हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आखिरी विकल्प के तौर पर किया जा सकता है। गृह मंत्रालय ने कहा कि पैलेट गन का इस्तेमाल सिर्फ उतना ही किया जाए, जितना हालात को काबू में करने के लिए जरूरी हो। कार्रवाई के दौरान आम लोगों और सुरक्षाकर्मियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए। इसके लिए जवानों को खास प्रशिक्षण भी दिया जाता है, ताकि हथियार का इस्तेमाल नियमों के अनुसार और कम से कम नुकसान के साथ हो। 07:31 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक घायल छात्र साहिल की रोशनी लौटने की सिर्फ 1% संभावना यह तस्वीर 20 जुलाई की है, जब प्रदर्शन के दौरान घायल होने के बाद साहिल को अस्पताल पहुंचाया गया। आंख की सर्जरी की गई। राहुल ने साहिल के हाथ में लगी चोट को दिखाया। राहुल ने जिस छात्र की चोट दिखाई। उसका नाम साहिल लोचाब है। वह 19 साल का है और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ का रहने वाला है। 20 जुलाई को जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस की पैलेट गन से इनकी दाहिनी आंख की रोशनी चली गई थी। AIIMS के जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में सर्जरी हुई है। परिवार के मुताबिक, डॉक्टरों ने बताया है कि घायल आंख की रोशनी लौटने की सिर्फ 1% संभावना है, क्योंकि आंख की पुतली को गंभीर नुकसान पहुंचा है। साहिल दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) के छात्र हैं। उनकी मां ज्योति ने बताया, ‘वह पहले भी CJP के प्रदर्शन में गया था। सोमवार को भी यह कहकर गया कि यह उसके लिए जरूरी है और उसकी पढ़ाई से जुड़ा मुद्दा है। वह हमेशा पुलिस अधिकारी बनना चाहता था।’ 07:24 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक राहुल गांधी थाने के बाहर धरने पर बैठे 07:20 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक पुलिस एक्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जांच कमेटी बनाई सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को संसद मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई के आरोपों की जांच के लिए 5 सदस्यों की हाई पावर्ड कमेटी के नामों का ऐलान किया था। कमेटी का अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस आर सुभाष रेड्डी को बनाया गया है। इसमें पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व जज जस्टिस शलिंदर कौर, CBI के पूर्व डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के रिटायर्ड DGP डॉ. एलआर बिश्नोई शामिल हैं। 07:19 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था- संसद मार्च गैरकानूनी था सुप्रीम कोर्ट में 18 अगस्त को सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा था कि 20 जुलाई का संसद मार्च गैरकानूनी था। इसकी परमिशन नहीं थी। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में कई हिस्ट्रीशीटर भी आ गए थे। पुलिस ने बताया कि संसद मार्च में प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े और पुलिस से मारपीट की, जिससे प्रदर्शन शांतिपूर्ण नहीं रहा। हालात संभालने के लिए बल प्रयोग किया गया था,लेकिन प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग नहीं किया गया। 07:19 AM 21 अगस्त 2026 कॉपी लिंक कॉकरोच जनता पार्टी का प्रोटेस्ट 36 दिन चला था Source: Dainik Bhaskar

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