पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के 37वें चीफ जस्टिस बने एके मिश्रा:AAP सरकार के विरोध के बीच ली शपथ; CM भगवंत मान नहीं आए


                 पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के 37वें चीफ जस्टिस बने एके मिश्रा:AAP सरकार के विरोध के बीच ली शपथ; CM भगवंत मान नहीं आए

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पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को शपथ दिलाते पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और समारोह में मौजूद SAD की मजीठा से विधायक गनीव कौर। जस्टिस...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को शपथ दिलाते पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और समारोह में मौजूद SAD की मजीठा से विधायक गनीव कौर। जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने सोमवार (7 सितंबर) को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 37वें चीफ जस्टिस के तौर पर शपथ ले ली। चंडीगढ़ स्थित पंजाब लोक भवन (गवर्नर हाउस) में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। जस्टिस मिश् . पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति का विरोध किया था। CM भगवंत मान का तर्क था कि जस्टिस मिश्रा की इस नियुक्ति को लेकर उनसे सहमति नहीं ली गई। उन्होंने शपथग्रहण समारोह रोकने की भी मांग की थी। इसी वजह से CM भगवंत मान या पंजाब सरकार का कोई मंत्री शपथग्रहण समारोह में नहीं पहुंचा। हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी और राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष समारोह में मौजूद रहे। अमृतसर के मजीठा से शिरोमणि अकाली दल (SAD) की विधायक गनीव कौर भी समारोह में पहुंचीं। एक दिन पहले, रविवार (6 सितंबर) को पंजाब CM भगवंत मान ने इमरजेंसी कैबिनेट मीटिंग बुलाकर जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति के खिलाफ प्रस्ताव पास किया था। इस प्रस्ताव में कहा गया था कि पंजाब सरकार की सहमति मिलने तक चीफ जस्टिस को शपथ न दिलाई जाए। शपथ ग्रहण समारोह की 3 तस्वीरें… शपथ ग्रहण समारोह में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा के साथ पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, हरियाणा के सीएम नायब सैनी और राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष मौजूद रहे। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को सम्मानित किया। हरियाणा के सीएम नायब सैनी से मिलते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा। पंजाब सरकार ने क्या एतराज जताए, 4 पॉइंट में पढ़िए… चीफ जस्टिस की नियुक्ति में स्टैंडर्ड प्रोसीजर फॉलो नहीं: पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की नियुक्ति का मामला संवेदनशील है। इस नियुक्ति में स्टैंडर्ड प्रोसीजर (मानक प्रक्रिया) को फॉलो नहीं किया गया। इससे बड़ा सवाल भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार के खिलाफ खड़ा होता है। पंजाब को इग्नोर किया गया। जस्टिस संधावालिया की नियुक्ति को सहमति नहीं दी थी: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के सीनियर मोस्ट जस्टिस जीएस संधावालिया को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त करने की सिफारिश 11 जुलाई 2024 को सुप्रीम कोर्ट के CJI और पूरे कॉलेजियम ने की थी। इसके बावजूद BJP की केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार ने उनकी नियुक्ति को 2 महीने से ज्यादा समय तक मंजूरी नहीं दी। 11 जुलाई को सिफारिश के बाद 17 सितंबर तक उनकी नियुक्ति पर सहमति नहीं दी गई। नियुक्ति में राज्य सरकार का व्यू और सहमति जरूरी: चीमा ने कहा- नियुक्ति की प्रक्रिया के मेमोरेंडम के पैरा नंबर 6 में स्पष्ट लिखा है कि जब किसी की सिफारिश होनी है, तो संबंधित राज्य सरकार का व्यू और सहमति लेना बहुत जरूरी है। मध्य प्रदेश ने दो महीने से अधिक समय तक इसे रोक कर रखा। इसके बाद 17 सितंबर 2024 को उनकी नियुक्ति हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में की। उनकी नियुक्ति क्यों रोकी, इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। प्रक्रिया इग्नोर कर जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति हुई: दूसरी तरफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति का मामला है। 12 अगस्त 2026 को पंजाब के गवर्नर ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को भेजे पत्र और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के पत्र में भी मेमोरेंडम के पैरा 6 का जिक्र है। इसमें संबंधित राज्य सरकार की राय और सहमति लेना जरूरी बताया गया है। इसके बावजूद केंद्र की BJP सरकार ने इस प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए अश्वनी कुमार मिश्रा को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त कर दिया। नए चीफ जस्टिस के शपथ ग्रहण का VIDEO… ------- ये खबर भी पढ़ें… पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की नियुक्ति का विरोध. मान कैबिनेट में प्रस्ताव पास, सरकार की सहमति तक शपथग्रहण न कराई जाए पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति का विरोध किया है। जालंधर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि चीफ जस्टिस की नियुक्ति के लिए संबंधित राज्य सरकार के व्यू और सहमति लेनी जरूरी होती है। (पढ़ें पूरी खबर) Source: Dainik Bhaskar

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