फतेहगढ़ में प्राचीन कुएं जमींदोज हुए: ग्रामीणों की प्यास बुझाने वाले जलस्रोत उपेक्षा के कारण नष्ट - Dainik Bhaskar

फतेहगढ़ में प्राचीन कुएं जमींदोज हुए: ग्रामीणों की प्यास बुझाने वाले जलस्रोत उपेक्षा के कारण नष्ट - Dainik Bhaskar

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फतेहगढ़ उपखंड मुख्यालय में वर्षों से ग्रामीणों की प्यास बुझाने वाले प्राचीन कुएं अब जमींदोज हो रहे हैं। हाल ही में एक कुआं पानी के बहाव के कारण ढह गया, जिससे स्थानीय जलस्रोतों के...

फतेहगढ़ उपखंड मुख्यालय में वर्षों से ग्रामीणों की प्यास बुझाने वाले प्राचीन कुएं अब जमींदोज हो रहे हैं। हाल ही में एक कुआं पानी के बहाव के कारण ढह गया, जिससे स्थानीय जलस्रोतों के संरक्षण पर सवाल उठ रहे हैं। . ग्रामीणों के अनुसार, असामाजिक तत्वों ने अपने घरों से निकलने वाले पानी को सीधे कुएं में छोड़ना शुरू कर दिया था। इस अनुचित जल निकासी के कारण कुएं की संरचना कमजोर हो गई और वह ढह गया। ये प्राचीन कुएं पालीवाल समुदाय द्वारा खुदवाए गए थे और फतेहगढ़ सहित आसपास के कई गांवों के लिए मीठे पानी का मुख्य स्रोत थे। बुजुर्गों के मुताबिक, इन कुओं का पानी न केवल आमजन की प्यास बुझाता था, बल्कि अकाल के समय राहगीरों के लिए भी जीवनदायिनी था। ग्रामीण इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर ग्राम पंचायत को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका आरोप है कि ग्राम पंचायत की अनदेखी के कारण ये ऐतिहासिक जलस्रोत धीरे-धीरे नष्ट होते जा रहे हैं। Source: Google Rajasthan

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