पांच बार के विधायक ने TMC ऑफिस में फांसी लगाई:विधानसभा डिप्टी स्पीकर भी रहे; सुसाइड नोट में लिखा- पार्टी के गलत कामों को रोक नहीं सका
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Hindi News National Birbhum TMC Office Suicide Case | Former Deputy Speaker Ashish Banerjee कोलकाता 20 घंटे पहले लेखक: एजेंसी इनपुट्स के साथ पूनम मसीह कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल की...
Hindi News National Birbhum TMC Office Suicide Case | Former Deputy Speaker Ashish Banerjee कोलकाता 20 घंटे पहले लेखक: एजेंसी इनपुट्स के साथ पूनम मसीह कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी के साथ आशीष बनर्जी। (फाइल फोटो) पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और पांच बार विधायक रहे आशीष बनर्जी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रविवार सुबह बीरभूम जिले के टीएमसी ऑफिस में उनका शव फांसी के फंदे से लटका मिला। आशीष बनर्जी रामपुरहाट के वार्ड नंबर-5 के हत्तलापारा इलाके में रहते थे। उनके घर के पास ही तृणमूल कांग्रेस का पार्टी ऑफिस था। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला। जिसमें उन्होंने लिखा कि मैं पार्टी के सभी गलत कामों को हमेशा स्वीकार नहीं कर पाता था, लेकिन मैं विरोध भी नहीं कर सका। मैंने अपनी पूरी जिंदगी में काम के बदले एक पैसा भी नहीं लिया है। आशीष बनर्जी टीएमसी के पूर्व विधायक भी थे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। यह विजुअल बीरभूम टीएमसी ऑफिस का है, जहां आशीष बनर्जी ने पंखे से फांसी का फंदा बनाकर सुसाइड किया। सुसाइड नोट में रेत टेंडर का जिक्र, लिखा- कोई पैसे नहीं लिए आशीष का जो सुसाइड नोट सामने आया है उसमें उन्होंने किसी रेत के टेंडर का जिक्र किया है। आशीष ने लिखा कि उन्होंने कभी भ्रष्टाचार नहीं किया और किसी काम के बदले पैसे नहीं लिए। TRDA (तारापीठ-रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी) के टेंडर, प्लान पास करने, NOC और चेक से जुड़े मामलों में उनकी कोई भूमिका नहीं है। आशीष ने लिखा कि उनकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है और उन्होंने राजनीति में आने पर अफसोस जताया। सोशल मीडिया पर आशीष बनर्जी का बंगाली भाषा में लिखा ये सुसाइड लेटर सामने आया है। भाजपा बोली- TMC में सभी लोग खराबब नहीं, अभिषेक का भाजपा पर अरोप बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा- 'यह आत्महत्या है या हत्या, इसकी जांच पुलिस करेगी। मैं आज भी कहूंगी कि तृणमूल कांग्रेस में सभी लोग खराब नहीं हैं। शायद 0.00001% अच्छे लोग अब भी वहां हैं, जो बोल नहीं सके और विरोध नहीं कर सके। TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा- जीवनभर शिक्षक और जनसेवक रहे आशीष दा ने ईमानदारी, सम्मान और सादगी के साथ लोगों की सेवा की। वे रामपुरहाट और पूरे बीरभूम के सम्मानित लोगों में थे। उनके अंतिम नोट में लंबे समय से चले कथित बदनाम करने के अभियान को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। आशीष ने एक दिन पहले घर के पास तिरंगा फिहराया था आशीष बनर्जी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शनिवार को बीरभूम में घर के पास तिरंगा फहराया था। इस कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर शेयर की थीं। आशीष बनर्जी के भाई प्रशांत बनर्जी ने कहा- दरवाजे में थोड़ी जगह थी और वहां से रस्सी लटकी दिखाई दी। इससे हमें शक हुआ। इसके बाद परिवार के सभी लोगों को बुलाया गया और पुलिस को सूचना दी गई। हम रोज मिलते थे। रात तक भी कुछ असामान्य नहीं लगा था। वे दिनभर ऑफिस में थे। झंडा फहराया गया था और सब कुछ सामान्य था। ममता सरकार में मंत्री और डिप्टी स्पीकर रहे आशीष बनर्जी आशीष बनर्जी ममता बनर्जी के करीबी और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे। पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार बनने के बाद वे कई विभागों के मंत्री रहे। वे स्कूल शिक्षा और कृषि मंत्री भी रह चुके थे। आशीष 2001, 2006, 2011, 2016 और 2021 में रामपुरहाट सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने गए। पिछली ममता सरकार में वे विधानसभा के डिप्टी स्पीकर भी रहे। हालांकि, 2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार ध्रुबा साहा से हार गए। 2026 विधानसभा चुनाव के दौरान आशीष बनर्जी ने टीएमसी उम्मीदवार सायंतिका बनर्जी के लिए कैंपेन किया था। तस्वीर इस साल अप्रैल की चुनाव प्रचार के दौरान की है। 2 जून को जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था आशीष बनर्जी ने 2 जून को TMC के बीरभूम जिला अध्यक्ष और जिला कोर कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि कोर कमेटी निष्क्रिय हो गई थी और उसके काम करने की जरूरत नहीं रह गई थी। आशीष बनर्जी ने कहा था कि अब वे पार्टी के सिर्फ सामान्य सदस्य रहेंगे। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… आरजी कर केस में गिरफ्तार पूर्व TMC विधायक पर हमला: भीड़ ने पीटा, जूते-अंडे फेंके कोलकाता के आरजी कर अस्पताल की डॉक्टर के रेप-मर्डर केस में गिरफ्तार पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष पर शुक्रवार को भीड़ ने हमला किया। पुलिस उन्हें नॉर्थ 24 परगना जिले के खरदह थाने से बैरकपुर कोर्ट ले जा रही थी। इसी दौरान भीड़ ने उन्हें घेरकर लात-घूंसों से पीटा। लोगों ने जूते-चप्पल, अंडे और कीचड़ भी फेंका। पूरी खबर पढ़ें… . Source: Dainik Bhaskar
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