Nagaur News: कंधों पर बेटी, हाथ में गुहार लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा बेबस पिता, बैंक पर पासबुक नहीं देने का आरोप
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राजस्थान की भीषण गर्मी के बीच नागौर कलेक्ट्रेट में मंगलवार को एक भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जब एक बुजुर्ग पिता अपनी जन्मजात दिव्यांग बेटी को कंधों पर उठाकर जिला...
राजस्थान की भीषण गर्मी के बीच नागौर कलेक्ट्रेट में मंगलवार को एक भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जब एक बुजुर्ग पिता अपनी जन्मजात दिव्यांग बेटी को कंधों पर उठाकर जिला कलेक्टर के पास न्याय की गुहार लगाने पहुंचा। पिता का आरोप है कि बेटी के अंगूठे के निशान स्पष्ट नहीं होने और हस्ताक्षर नहीं कर पाने के कारण बैंक ने उन्हें पासबुक जारी करने से मना कर दिया, जिससे सरकारी योजना के तहत स्वीकृत लोन की राशि अटक गई। पीड़ित परिवार नागौर जिले के पारासरा गांव की मेघवाल बस्ती का निवासी बताया जा रहा है। दिव्यांग युवती ने राज्य सरकार की दिव्यांगजन योजना के तहत अनुजा निगम से किराना स्टोर संचालन के लिए लोन का आवेदन किया था। परिवार का कहना है कि लोन स्वीकृत हो चुका है लेकिन बैंक खाते से जुड़ी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण राशि जारी नहीं हो पा रही है। पीड़िता के पिता के अनुसार वे भारतीय स्टेट बैंक की पारासरा शाखा में पासबुक जारी करवाने पहुंचे थे लेकिन बैंक प्रबंधन ने यह कहते हुए मना कर दिया कि युवती पढ़ी-लिखी नहीं है और हस्ताक्षर करना नहीं जानती, इसलिए उसके नाम से पासबुक जारी नहीं की जा सकती। परिवार ने कई बार बैंक अधिकारियों से अनुरोध किया लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसी से परेशान होकर बुजुर्ग पिता अपनी दिव्यांग बेटी को कंधों पर बैठाकर कलेक्ट्रेट पहुंचा और जिला कलेक्टर को लिखित परिवाद सौंपा। आवेदन में बताया गया कि बेटी जन्म से दिव्यांग है और माता-पिता के अलावा उसका कोई सहारा नहीं है। ऐसे में पासबुक जारी नहीं होने से परिवार को गंभीर आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामला सामने आने के बाद जिला कलेक्टर ने संवेदनशीलता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। घटना के बाद बैंकिंग व्यवस्था और दिव्यांगजनों के अधिकारों को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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