मोदी बोले- ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ानी होगी:पीएम का खेलो इंडिया में युवाओं-खिलाड़ियों से संवाद; साइना नेहवाल-पीटी ऊषा भी शामिल
AI Sync — — खेल
Hindi News National PM Modi Khelo India Dialogue | Addressing Youth On Viksit Bharat Goals मोदी बोले- ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ानी होगी: पीएम का खेलो इंडिया में...
Hindi News National PM Modi Khelo India Dialogue | Addressing Youth On Viksit Bharat Goals मोदी बोले- ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ानी होगी: पीएम का खेलो इंडिया में युवाओं-खिलाड़ियों से संवाद; साइना नेहवाल-पीटी ऊषा भी शामिल नई दिल्ली 6 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी ने गुरुवार को खेलो इंडिया डायलॉग में युवाओं-खिलाड़ियों से वर्चुअली संवाद किया। पीएम मोदी ने गुरुवार को 1,500 से ज्यादा जगहों पर युवाओं और खिलाड़ियों से वर्चुअल संवाद किया। उन्होंने कहा- मैंने 15 अगस्त को देश के सामने स्पोर्ट्स विजन रखा। यह सिर्फ मेडल जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि विकसित भारत और देश की खेल शक्ति बढ़ाने का अभियान है। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में 20 से ज्यादा खेलों में भारत की भागीदारी नहीं रही। ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ानी होगी। पीएम ने कहा- मैं हमेशा कहता हूं- जो खेले, वो खिले। खेल सिर्फ मैदान में जीतने का नाम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निखारने और देश का गौरव बढ़ाने का माध्यम है। खेलों इंडिया डायलॉग में पीएम के संवाद की 8 बड़ी बातें… नेशनल स्पोर्ट्स डे और मेजर ध्यानचंद पर- 29 अगस्त को नेशनल स्पोर्ट्स डे मनाया जाता है। यह महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को याद करने का दिन है। करीब 100 साल पहले भारतीय सेना की हॉकी टीम न्यूजीलैंड गई थी, जिसमें ध्यानचंद भी शामिल थे। उनके बनाए भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को आज और मजबूत किया जा रहा है। ओलंपिक में नए खेलों पर- देश के हर जिले में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। ओलिंपिक में भारत कई खेलों में हिस्सा ही नहीं लेता। 20 से ज्यादा खेलों में हमारी भागीदारी नहीं रही है, जबकि दूसरे देश इनमें मेडल जीत रहे हैं। भारत को नए खेलों में भी महारत हासिल करनी होगी। सर्फिंग इसका उदाहरण है। लंबी समुद्री तटरेखा होने के बावजूद भारत सर्फिंग में अभी दुनिया में नजर नहीं आता। ऐसी संभावनाओं को पहचानना जरूरी है। 2036 ओलिंपिक्स के लिए तैयारी पर- 2036 ओलिंपिक्स के लिए अभी से खिलाड़ियों को तैयार करना होगा। इसके लिए 5 साल की उम्र से टैलेंट हंट के जरिए बच्चों की खेल प्रतिभा पहचानी जाएगी और उन्हें उसी खेल की ट्रेनिंग दी जाएगी। सरकार खिलाड़ियों को हर जरूरी मदद देगी। कि सरकार खिलाड़ियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ेगी। खेलो इंडिया संवाद पर- सरकार 21वीं सदी का मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। खेलो इंडिया संवाद इसके लिए अहम मंच है। युवा खेल, गवर्नेंस और विकसित भारत को लेकर अपने सुझाव दे सकेंगे। युवाओं के विचार विकसित भारत के संकल्प को ताकत देंगे। स्पोर्ट्समैन स्पिरिट पर- स्वस्थ समाज और मजबूत परिवार के लिए स्पोर्ट्समैन स्पिरिट जरूरी है। खेल हमें सिर्फ चैंपियन नहीं, बल्कि बेहतर प्रतियोगी बनना भी सिखाते हैं। पैरा एथलीट्स की सफलता लोगों का नजरिया बदलती है और उनके परिवारों में नई उम्मीद जगाती है। दिव्यांग खिलाड़ियों की उपलब्धियां परिवार का हौसला बढ़ाती हैं। शीतल और अवनी लेखरा की उपलब्धि पर- आर्चरी खिलाड़ी शीतल के मेडल से जम्मू-कश्मीर और देश को गर्व हुआ। अवनी लेखरा ने भी दो मेडल जीते। झंडू कुमार समेत कई पैरा एथलीट प्रेरणा दे रहे हैं। स्पोर्ट्स क्वालिटी ऑफ लाइफ सुधारता है। 100 साल से ज्यादा उम्र में भी फिटनेस की मिसाल रहे फौजा सिंह इसके उदाहरण हैं। खेल और नशे पर- देश में खेलों को लेकर लोगों की सोच बदली है। लोग ट्रायथलन, 5K और 10K रेस में हिस्सा ले रहे हैं। कोई शीर्षासन कर रहा है, तो कोई परिवार के साथ पिकलबॉल खेल रहा है। स्पोर्ट्स अब जीवन का हिस्सा बन रहा है। खेल युवाओं में नशे से दूर रहने की इच्छाशक्ति बढ़ाता है। ड्रग्स की चुनौती के बीच स्पोर्ट्स युवाओं को सही दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकता है। स्क्रीन से ज्यादा खेल जरूरी- युवाओं के लिए स्क्रीन से ज्यादा स्पोर्ट्स सेंटर और प्लेग्राउंड जरूरी हैं। इसके लिए खेलों को बढ़ावा देने की सोच आगे बढ़ानी होगी। कि हर युवा की भागीदारी ही भारत की ताकत है। खेलों से जुड़ने के लिए नए माध्यम और अवसर लगातार बन रहे हैं। नई टेक्नोलॉजी से खेल आयोजन और उनकी तकनीक बदल रही है। साइकोलॉजी और न्यूट्रिशन जैसे क्षेत्रों में भी युवाओं के लिए नए करियर अवसर हैं। पीएम ने युवाओं से इन अवसरों को न छोड़ने और खेलों को लेकर अपने नए आइडिया सामने रखने की अपील की। उन्होंने सभी को शुभकामनाएं दीं। खेल मंत्री मांडविया बोले- स्टेडियम ही नहीं लोगों की सोच भी बदली वहीं, खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि पीएम मोदी ने युवाओं को देश का उज्ज्वल भविष्य बताया है। 12 जनवरी को युवाओं के साथ समय बिताने का असर बजट में भी दिखा, जिसे वित्त मंत्री ने यूथ ड्रिवन बताया। उन्होने कहा कि आज सबसे बड़ा बदलाव स्टेडियम में नहीं, बल्कि लोगों की सोच में आया है। एक तरफ वे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने तिरंगे को विश्व मंच तक पहुंचाया है। दूसरी तरफ वे खिलाड़ी हैं, जो तिरंगे को पोडियम तक पहुंचाने का सपना देख रहे हैं। दिग्गज खिलाड़ी भी संवाद में शामिल कार्यक्रम खेल मंत्रालय के ‘खेलो इंडिया संवाद-खेल की बात, PM के साथ’ अभियान के तहत आयोजित किया गया। इसका मकसद युवाओं को भारत की खेल यात्रा से जोड़ना है। कार्यक्रम में भारतीय ओलिंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा के अलावा मौजूदा और पूर्व खिलाड़ी समेत अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता भी शामिल हुए। इनमें मनिका बत्रा, दीपा करमाकर, साइना नेहवाल, गगन नारंग, श्रीजेश, मैरी कॉम, बाइचुंग भूटिया, पुलेला गोपीचंद, अंजू बॉबी जॉर्ज, कर्णम मल्लेश्वरी और मीराबाई चानू शामिल हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के मेडलिस्ट से मिल चुके हैं मोदी इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी 9 अगस्त को कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मिले थे। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ मुलाकात की रील भी इंस्टाग्राम पर शेयर की थी। इस बार खिलाड़ियों और युवाओं के साथ संवाद वर्चुअल होगा। . Source: Dainik Bhaskar
https://jgnews.live/article/modee-bole-olnpik-men-bhart-kee-bhageedaree-bdh-anee-hogee