जयपुर में साइबर सेल का बड़ा एक्शन: पुराने नोटों और सिक्कों के बदले दे रहे थे लाखों कमाने का झांसा, 8 गिरफ्तार

 जयपुर में साइबर सेल का बड़ा एक्शन: पुराने नोटों और सिक्कों के बदले दे रहे थे लाखों कमाने का झांसा, 8 गिरफ्तार

AI Sync — अपराध

राजधानी की साइबर सेल और पुलिस की संयुक्त टीम ने पुराने नोट व सिक्कों के बदले लाखों रुपये देने का झांसा देकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में दो...

राजधानी की साइबर सेल और पुलिस की संयुक्त टीम ने पुराने नोट व सिक्कों के बदले लाखों रुपये देने का झांसा देकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में दो महिलाओं समेत कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह तमिलनाडु, केरल और देश के विभिन्न राज्यों में भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बना रहा था। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, फर्जी बैंक चेकबुक और एक कार जब्त की है। ऐसे काम करता था गिरोह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पुराने नोट और दुर्लभ सिक्कों की तस्वीरें डालकर विज्ञापन देता था। जब कोई व्यक्ति इन विज्ञापनों को देखकर उनसे संपर्क करता था तो आरोपी व्हाट्सएप के माध्यम से उन्हें जाल में फंसाते थे। वे पुराने सिक्कों और नोटों के बदले लाखों रुपये दिलाने का लालच देते थे। ठगी की शुरुआत कंपनी में पंजीकरण के नाम पर 1,500 रुपये जमा करवाने से होती थी। इसके बाद आरोपी फर्जी दस्तावेज और वीडियो भेजकर सौदे की भारी कीमत तय करते थे। बंधक बनाकर वसूली का खेल पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) उत्तर करण शर्मा के निर्देशन में गठित विशेष पुलिस टीम ने दूसरे राज्यों से आकर जयपुर में रह रहे संदिग्धों की गतिविधियों पर निगरानी शुरू की थी। टीम को सूचना मिली थी कि एक मकान में संदिग्ध लोग रह रहे हैं और वहां अलग-अलग राज्यों से लोगों का आना-जाना लगा रहता है। निगरानी के दौरान पुलिस को एक स्कॉर्पियो गाड़ी में दो लोगों को बंधक बनाए जाने की सूचना मिली। इसके तुरंत बाद पुलिस टीम ने मौके पर कार्रवाई करके आरोपियों को पकड़ा और बंधक बनाए गए दोनों लोगों को मुक्त कराया। ये भी पढ़ें: श्री गंगानगर: नहरी पानी को लेकर आर-पार की जंग का एलान, किसानों ने दिया धरना, घड़साना आंदोलन दोहराने की चेतावनी डील पूरी होने से पहले मांगते थे रकम डील पूरी होने से पहले आरोपी ग्राहकों से 18 प्रतिशत जीएसटी, एडवांस रकम, डिस्पैच शुल्क और अन्य मदों के नाम पर और रुपये मांगते थे। जब पीड़ित व्यक्ति रुपये देने से मना करता था तो आरोपी उसके साथ दुर्व्यवहार करते थे और उसका नंबर ब्लॉक कर देते थे। गिरोह में अलग-अलग भूमिकाओं में महिला और पुरुष सदस्य शामिल थे। आरोपी तमिलनाडु, केरल और अन्य राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर इसी तरह से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की गहन जांच पुलिस ने आरोपियों के पास से जब्त मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच शुरू कर दी है। इन उपकरणों के जरिये आरोपियों के सोशल मीडिया खातों, व्हाट्सएप चैट, बैंक लेनदेन और देश के अलग-अलग हिस्सों में किए गए साइबर फ्रॉड की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस पड़ताल से गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और उनके देशभर में फैले नेटवर्क के बारे में कई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। Source: Amar Ujala Raj

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