जयपुर में पानी की किल्लत होगी खत्म?: बीसलपुर से 106 किमी नई पाइपलाइन, 2228 करोड़ की योजना तैयार
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जयपुर में पेयजल की निरंतर बढ़ती मांग और बार-बार गहराते जल संकट को स्थायी रूप से दूर करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। बीसलपुर बांध से जयपुर शहर तक पानी की निर्बाध...
जयपुर में पेयजल की निरंतर बढ़ती मांग और बार-बार गहराते जल संकट को स्थायी रूप से दूर करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। बीसलपुर बांध से जयपुर शहर तक पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सूरजपुरा से बालावाला के बीच 106 किलोमीटर लंबी एक नई पाइपलाइन बिछाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 2228 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पूरी तरह तैयार कर ली गई है, जिसे अंतिम स्वीकृति के लिए उच्च अधिकारियों के समक्ष भेज दिया गया है। इस नई पाइपलाइन के निर्माण से आगामी वर्षों में गुलाबी शहर के विकास को गति मिलेगी और निवासियों को जल किल्लत से बड़ी राहत मिलेगी। पुरानी पाइपलाइन पर बढ़ता दबाव सूरजपुरा से बालावाला के मध्य वर्तमान में बिछी हुई 2,300 एमएम व्यास की पाइपलाइन लगभग 17 वर्ष पुरानी हो चुकी है। शहर में पानी की मांग लगातार बढ़ने से इस मौजूदा लाइन पर पानी का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे आए दिन लीकेज होने की आशंका बनी रहती है। इसी समस्या का स्थायी समाधान निकालने और शहरवासियों को राहत देने के लिए नई पाइपलाइन बिछाने की पहल की गई है। वर्तमान में जयपुर शहर का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा लो-प्रेशर (कम दबाव) पानी की सप्लाई की समस्या से बेहद परेशान है। पानी की पर्याप्त आपूर्ति न होने के कारण लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए महंगे सरकारी और निजी पानी के टैंकर मंगाने को विवश हैं। शहर के नए जुड़े इलाकों जैसे पृथ्वीराज नगर फेज-द्वितीय के झोटवाड़ा, कालवाड़ रोड और निवारू रोड में पेयजल की स्थिति काफी विकट है, जहां स्थानीय निवासियों को हर तीसरे दिन केवल एक बार ही पानी मिल पा रहा है। 30 साल की अनुमानित आबादी के लिए इंतजाम नई पाइपलाइन को अगले 30 वर्षों यानी वर्ष 2058 तक की अनुमानित आबादी और पेयजल जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। अधिकारियों का तर्क है कि 30 वर्षों में जयपुर शहर की जनसंख्या वृद्धि अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंचेगी, जिसके बाद आबादी की वृद्धि दर सामान्य हो जाएगी। परियोजना के तहत 2,100 एमएम व्यास की नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। शहर में जल वितरण को लगातार बनाए रखने के लिए दोहरी सप्लाई व्यवस्था लागू की जाएगी। नई पाइपलाइन के चालू होने के बाद भी पुरानी 2,300 एमएम की पाइपलाइन से जलापूर्ति पूरी तरह जारी रखी जाएगी। इस दोहरी व्यवस्था से संपूर्ण शहर को बिना किसी बाधा के पर्याप्त पानी मिल सकेगा। ये भी पढ़ें- 14 युद्ध, दो जौहर और तीन परकोटे: गागरोन किले में छिपे हैं इतिहास के वो राज, जो इसे बनाते हैं खास; जानिए 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य सूरजपुरा से बालावाला तक बिछने वाली इस नई पाइपलाइन के लिए प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंपी जा चुकी है। इस योजना को वित्तीय, प्रशासनिक तथा तकनीकी स्वीकृति मिलते ही विभाग की ओर से टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रशासनिक और तकनीकी मंजूरी के बाद वर्ष 2028 में नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य मैदानी स्तर पर शुरू किया जाएगा। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसे 18 महीने की समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य है। Source: Amar Ujala Raj
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