JNU में प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप:11 छात्रों की शिकायत; दावा- वाइवा में सेक्सुअल कमेंट किए; छात्रसंघ बोला- प्रोफेसर लैब में रोकते हैं


                 JNU में प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप:11 छात्रों की शिकायत; दावा- वाइवा में सेक्सुअल कमेंट किए; छात्रसंघ बोला- प्रोफेसर लैब में रोकते हैं

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Hindi News National JNU Professor Sexual Harassment Allegation | Students Complaint Delhi नई दिल्ली 1 दिन पहले कॉपी लिंक छात्राओं का आरोप है कि JNU प्रोफेसर ने वाइवा के दौरान...

Hindi News National JNU Professor Sexual Harassment Allegation | Students Complaint Delhi नई दिल्ली 1 दिन पहले कॉपी लिंक छात्राओं का आरोप है कि JNU प्रोफेसर ने वाइवा के दौरान सेक्सुअल कमेंट किए। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के 11 छात्रों ने एक प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाए है। मामला मई के पहले हफ्ते में हुए वाइवा एग्जाम का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रोफेसर ने वाइवा के दौरान स्टूडेंट्स से सेक्सुअल कमेंट किए। मई के दूसरे हफ्ते में एक छात्रा ने छात्रों के अनऑफिशियल वॉट्सएप ग्रुप में प्रोफेसर के कमेंट की जानकारी दी। इसके बाद कई और छात्राओं ने भी प्रोफेसर पर इसी तरह के आरोप लगाए। सूत्रों के मुताबिक, प्रोफेसर ने छात्राओं से कहा था कि अगर वे उनके सेक्सुअल प्रपोजल स्वीकार करती हैं तो उन्हें एक्स्ट्रा मार्क्स दिए जा सकते हैं। मई के अंत में ICC में शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बाद कमेटी ने कई छात्रों को बुलाकर उनके बयान दर्ज किए। शिकायत के बाद JNU में करीब 45 दिन का सेमेस्टर ब्रेक रहा। जुलाई के मध्य में क्लास शुरू होने के बाद इस मामले को लेकर छात्रों के बीच फिर चर्चा शुरू हुई। JNU प्रशासन ने मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। छात्रों को आधी रात तक लैब में रोकने का आरोप JNUSU ने आरोप लगाया कि कुछ प्रोफेसर छात्रों को बिना जरूरत रात 12 बजे तक लैब में काम करने के लिए कहते हैं। लैब की टाइमिंग UGC की गाइडलाइन के मुताबिक तय होनी चाहिए। रिसर्च प्रोजेक्ट में देर रात काम जरूरी है या नहीं, इसका फैसला स्कॉलर को करने दिया जाना चाहिए। JNUSU की शिकायत और मांगे… JNUSU ने सभी साइंस लैब का सेफ्टी ऑडिट कराने और यह पता लगाने की मांग की कि लैब में काम करने से कितने छात्रों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हुई हैं। स्कॉलर्स और सुपरवाइजर्स के बीच सख्त हायरार्की बनाई जा रही है। छात्रों को डराने और उनकी निजी जिंदगी में दखल देने की शिकायतों पर भी कार्रवाई की मांग की गई है। सभी प्रोफेसरों के लिए जेंडर और कास्ट से जुड़ी संवेदनशीलता वर्कशॉप कराई जाए। साथ ही छात्रों को परेशान करने वाले प्रोफेसरों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाए। JNU में प्रोफेसर पर पहले भी यौन उत्पीड़न के आरोप लगे अप्रैल 2025 में यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने चार कर्मचारियों को बर्खास्त किया था। इनमें स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के सीनियर प्रोफेसर स्वर्ण सिंह भी शामिल थे। सिंह पर जापान एंबेसी की एक अधिकारी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। वह अधिकारी JNU के प्रोफेसरों के साथ अकादमिक कार्यक्रमों के लिए कोऑर्डिनेट करती थीं। एक अधिकारी के मुताबिक, सिंह के साथ आखिरी मीटिंग के बाद उन्होंने शिकायत की थी। जांच में सिंह के खिलाफ सबूत मिलने के बाद उन्हें बर्खास्त किया गया था। ---------------- ये खबर भी पढ़ें… JNU में प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पत्थर-जूते फेंके:UGC रेगुलेशन लागू करने की मांग कर रहा था छात्रसंघ; यूनिवर्सिटी ने कोर्ट ऑर्डर का उल्लंघन बताया दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी(JNU) में स्टूडेंट यूनियन के प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर पत्थर फेंके, पुलिसवालों को दांत से काटा और जूते फेंके। पुलिस ने कहा कि इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…. . Source: Dainik Bhaskar

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