इस बार हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक साथ:प्रतिमा स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11.30 बजे; ब्रह्म योग में पूजन से मिलेगा विशेष फल
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Hindi News Local Mp Ujjain Ganesh Chaturthi & Hartalika Teej 2026 | Ujjain Temple Puja Muhurat उज्जैन 7 घंटे पहले कॉपी लिंक उज्जैन समेत देशभर में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी मनाई...
Hindi News Local Mp Ujjain Ganesh Chaturthi & Hartalika Teej 2026 | Ujjain Temple Puja Muhurat उज्जैन 7 घंटे पहले कॉपी लिंक उज्जैन समेत देशभर में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी। इसी दिन हरतालिका तीज का व्रत भी है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार तृतीया युक्त चतुर्थी का संयोग बन रहा है, जो धार्मिक दृष्टि से विशेष माना गया है। हरतालिका तीज पर पूजन-व्रत से सुख-सौभाग्य और पति की दीर्घायु की कामना की जाती है। चतुर्थी से ही 10 दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत भी होगी। इस दौरान उज्जैन के प्रसिद्ध चिंतामन गणेश और बड़े गणेश मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना चलेगी, जिसमें देश-विदेश से आए श्रद्धालु शामिल होंगे। तृतीया-चतुर्थी का संयोग विशेष फलदायी ज्योतिषाचार्य अमर डिब्बावाला ने बताया कि शास्त्रीय मत में यदि हरतालिका तीज, चतुर्थी के साथ आती है तो इसे सामान्य से अधिक फलदायी माना जाता है। तृतीया युक्त चतुर्थी को सुख-सौभाग्य, परिवार की समृद्धि और पति की दीर्घायु के लिए विशेष माना गया है। रात में चंद्र दर्शन न करें श्रद्धालु ज्योतिषाचार्य डिब्बावाला के मुताबिक, पंचांग के अनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 14 सितंबर को है। इसी दिन चतुर्थी का भी संयोग रहेगा। इस कारण हरतालिका तीज का व्रत तृतीया युक्त चतुर्थी के क्रम में होगा। उन्होंने कहा- चतुर्थी पर पार्थिव गणेश की स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11.30 बजे है। इस बार गणेश स्थापना ब्रह्म योग में होगी। शुभ मुहूर्त में मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा की स्थापना कर पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति की मान्यता है। मध्यरात्रि में किसी भी जातक को चंद्र दर्शन नहीं करना चाहिए। 10 दिन में 10 स्वरूपों की साधना करें धर्मशास्त्रीय मत के अनुसार, इन 10 दिन में भगवान गणेश के 10 स्वरूपों की साधना की जा सकती है। प्रतिदिन 21 दूर्वा और मोदक अर्पित करते हुए गणेशजी के 10 नामों का क्रम से उच्चारण करने की परंपरा है। ये नाम हैं- गणाधिप, उमापुत्र, अघनाशन, विनायक, ईशपुत्र, सर्वसिद्धिप्रदायक, एकदंत, इभवक्र, मूषकवाहन, कुमारगुरु। अभीष्ट सिद्धि के लिए विशेष साधना का समय जिनके विवाह या दूसरे मांगलिक कामों में बाधा आ रही है, वे गणेश सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ कर हवन-अनुष्ठान करें। 10 दिन तक गणेशजी को दूर्वा और मोदक अर्पित करने से विघ्न दूर होने और कार्य सिद्धि होने की मान्यता है। ये खबर भी पढ़ें… उज्जैन में सड़क के रास्ते में हनुमान प्रतिमा उज्जैन में सड़क के बीच हनुमान प्रतिमा को प्रशासन 6 दिन से हिला नहीं पाया है। प्रशासन ने सड़क चौड़ीकरण के लिए सती गेट के पास स्थित हनुमान मूर्ति को हटाने की कोशिश 4 सितंबर को शुरू की, लेकिन नाकाम रहा। अब प्रशासन का कहना है कि प्रतिमा हटाने की कोशिश की ही नहीं गई। पढ़ें पूरी खबर… . खबरें और भी हैं... मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर उज्जैन के खड़े हनुमान हिल क्यों नहीं रहे: शिला के नीचे ऐसा क्या है? मंदिर टूट गया, क्रेन भी फेल; टस से मस नहीं हुई प्रतिमा 3:04 कॉपी लिंक शेयर भास्कर एक्सक्लूसिव ट्रेन के एसी कोच में घूम रहे चूहे: किसी की नाक कुतर गए तो किसी की नींद उड़ाई; 13 साल से समस्या, लेकिन इंतजाम जीरो 1:56 कॉपी लिंक शेयर बात खरी है राहुल के 'शो' को लेकर साउथ के सुपरस्टार जैसा जश्न: विजयवर्गीय बोले- राहुल गांधी भाजपा के स्टार प्रचारक; मंत्री ने कराया अपनी लोकप्रियता का टेस्ट 2:28 कॉपी लिंक शेयर ग्राउंड रिपोर्ट अंडरग्राउंड मेट्रो से घर धंसने, बोरिंग सूखने का खतरा: इंदौर में 12 कॉलोनियों के लोगों में डर, बोले- नर्मदा जल मिलता नहीं, प्यासे मर जाएंगे 1:20 कॉपी लिंक शेयर Source: Dainik Bhaskar
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