Hormuz News: 'अमेरिका से लिया ईरान का जब्त पैसा तो होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने नहीं देंगे', ईरानी सेना की दुनिया को चेतावनी - Navbharat Times
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ईरान ने जब्त पैसे पर दुनिया को दी चेतावनी तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच वार और पलटवार का दौर जारी है। ईरान की सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के मुताबिक, ईरान के मुख्य सैन्य कमान,...
ईरान ने जब्त पैसे पर दुनिया को दी चेतावनी तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच वार और पलटवार का दौर जारी है। ईरान की सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के मुताबिक, ईरान के मुख्य सैन्य कमान, खात्म अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स ने मंगलवार को कहा कि जो भी देश या कंपनी ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों से मुआवजा स्वीकार करेगी, उसके जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कमान के एक प्रवक्ता ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि खाड़ी क्षेत्र में ईरान से हुए नुकसान का भुगतान ईरान के फ्रीज किए हुए धन से किया जाएगा। प्रवक्ता ने कहा कि ईरान का मानना है कि इन जहाजों को नुकसान अमेरिका की सैन्य गतिविधियों से पैदा हुई असुरक्षा के कारण हुआ। उन्होंने कहा कि जहाज होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में एक ऐसे समुद्री रास्ते का इस्तेमाल कर रहे थे, जिसे ईरान गैरकानूनी और असुरक्षित मानता है। प्रवक्ता ने कहा कि ईरानी सशस्त्र बल उन सभी देशों या कंपनियों के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने से रोक देंगे, जो इस तरह का मुआवजा स्वीकार करेंगे। ट्रंप ने किया था ईरानी पैसे से मुआवजा देने का ऐलान सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका के नियंत्रण में मौजूद ईरानी धन का इस्तेमाल होर्मुज स्ट्रेट में संघर्ष के दौरान क्षतिग्रस्त हुए जहाजों के नुकसान की भरपाई के लिए किया जाएगा। एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने पैसे से शिपिंग कंपनियों को मुआवजा नहीं देगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका सीधे कंपनियों को भुगतान करेगा, तो ट्रंप ने कहा, 'नहीं। हम ईरान के पैसे का इस्तेमाल करेंगे ताकि उनकी ओर से किए गए नुकसान का भुगतान किया जा सके।' उन्होंने कहा कि दूसरे शब्दों में, ईरान का वह पैसा जो हमारे नियंत्रण में है, नुकसान की भरपाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। ट्रंप ने यह नहीं बताया कि अमेरिका के नियंत्रण में ईरान का कितना पैसा है, किन शिपिंग कंपनियों को मुआवजा मिलेगा और भुगतान किस तरीके से किया जाएगा। राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति बेहतर हुई है। 'ईरान का तटीय इलाका बर्बाद हो गया' ट्रंप ने यह भी कहा कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि उनका पूरा तट बर्बाद हो चुका है। अब होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति बहुत अच्छी है और हम इस समय बातचीत कर रहे हैं। बातचीत जारी रहने के दौरान ईरान ने हमलों को रोकने की अपील की थी। उन्होंने संकेत दिया कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है। लेखक के बारे में शैलेश कुमार शुक्ला शैलेश कुमार शुक्ल नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में फॉरेन अफेयर्स एडिटर (foreign affairs editor) हैं। वे नवभारत टाइम्स की 'दुनिया' (World) टीम का नेतृत्व करते हैं। प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका 17 साल लंबा का अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। शैलेश कुमार शुक्ल ने सितंबर 2017 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। उन्होंने पिछले 8 वर्षों में आर्मेनिया-अजरबैजान के युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, इजरायल-हमास जंग, ईरान-इजरायल संघर्ष, भारत-पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर, तालिबान-पाकिस्तान तनाव, चीन-ताइवान विवाद, वेनेजुएला संकट जैसे वैश्विक घटनाक्रम का व्यापक कवरेज किया है। वैश्विक राजनीतिक तनाव हो या कूटनीतिक घटनाक्रम, सबसे पहले खबर देना और उसका भारत पर क्या असर पड़ेगा, यह भारत और दुनिया भर में बसे हिंदी के पाठकों को स्टोरी और वीडियो के जरिए विश्लेषण देना शैलेश की पहली प्राथमिकता रहती है। विशेषज्ञता- फॉरेन अफेयर्स खासकर दक्षिण एशियाई राजनीतिक घटनाक्रम, डिफेंस, वैश्विक संघर्ष और उनका भारत की राजनीति और भारत के आम लोगों पर असर। पत्रकारिता अनुभव: अखबार, न्यूज एजेंसी और डिजिटल मीडिया में 17 साल से कार्यरत शैलेश कुमार शुक्ल ने साल 2009 में नई दिल्ली में अमर उजाला डॉट कॉम से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद यूनीवार्ता, फिर प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया की भाषा जैसी प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसियों में वर्ल्ड न्यूज डेस्क पर काम किया। नवभारत टाइम्स वेबसाइट में काम करते हुए शानदार कवरेज के लिए कई बार संस्थान की ओर से सम्मानित किया गया है। शैलेश कुमार शुक्ल ने साल 2005 से 2007 तक प्रतिष्ठित इलाहाबाद विश्वविद्यालय से इंटरनेशनल अफेयर्स में पोस्ट ग्रेजुएशन (MA) किया है। इस दौरान उन्होंने South Asia Regional Security सब्जेक्ट में स्पेशलाइजेशन किया। शैलेश कुमार शुक्ल ने साल 2007 से 2009 के बीच माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MA) किया है। इस दौरान उन्होंने विदेश पत्रकारिता में रुचि होने की वजह से इस पर खास फोकस किया। पुरस्कार: विदेश पत्रकारिता में शानदार कवरेज के लिए 'उत्कृष्ट संपादक' पुरस्कार शैलेश के लिए खास इंटरव्यू: जोसेफ वू (Joseph Wu) जोसेफ वू ताइवान के एक अनुभवी राजनयिक हैं, जिन्होंने लंबे समय तक ताइवान के विदेश मंत्री के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में वे ताइवान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के महासचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। गीर्ट विल्डर्स (Geert Wilders) गीर्ट विल्डर्स नीदरलैंड के एक प्रमुख दक्षिणपंथी राजनीतिज्ञ और पार्टी फॉर फ्रीडम (PVV) के संस्थापक हैं। वे अपनी कट्टर आव्रजन-विरोधी नीतियों और मुखर बयानों के लिए विश्व स्तर पर जाने जाते हैं। सना हाशमी (Sana Hashmi), डॉ. सना हाशमी ताइवान-एशिया एक्सचेंज फाउंडेशन (TAEF) में एक पोस्टडॉक्टरल फेलो हैं। उनकी विशेषज्ञता और अनुभव उन्हें एशियाई भू-राजनीति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण शोधकर्ता बनाते हैं। ... और पढ़ें Source: Google World
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