एक ही दिन मे व्यक्ति नही बनता महान, करना पड़ता है सतत संघर्ष :- कोठारी (भारत विकास परिषद के तत्वावधान मनाई प्रताप की 486 वी जयंती)

एक ही दिन मे व्यक्ति नही बनता महान, करना पड़ता है सतत संघर्ष :- कोठारी   (भारत विकास परिषद के तत्वावधान मनाई प्रताप की 486 वी जयंती)

मनोज पारीक — राजस्थान

रतनगढ़ - महाराणा प्रताप जयंती पर उपस्थित अतिथिगण व गणमान्यजन।

कोई भी व्यक्ति एक दिन में यूं ही महान नहीं बन जाता, उसके लिए सतत् संघर्ष करना पड़ता है, त्याग और बलिदान देना पड़ता है, समर्पण करना पड़ता है, तपस्या करनी पड़ती है तब जाकर कोई महाराणा प्रताप जैसा महान बन पाता है। उक्त उद्गार भारत विकास परिषद की रतनगढ़ शाखा के तत्वावधान मे स्थानीय आदर्श विधा मंदिर के सभागार मे महाराणा प्रताप की 486 वी जयंती के अवसर पर आहूत समारोह मे बतौर मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए लोहिया महाविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर इतिहासकार कमल सिंह कोठारी ने प्रकट किए। कोठारी ने कहा की महाराणा प्रताप की जयंती को एक उत्सव के रूप में मनाया जाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है जिस प्रकार महाराष्ट्र में शिवाजी की और पंजाब में गुरु गोविंदसिंह जी की जयंती समारोह पूर्वक मनाई जाती है। वही समारोह के मुख्य अतिथि अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सुरेन्द्र कौशिक ने समारोह को सम्बोधित करते हुये कहा कि महाराणा प्रताप के नाम से व्यक्ति का रोम-रोम रोमांचित हो जाता है। उनका व्यक्तित्व अद्भुत था, राष्ट्रभक्ति और न्याय प्रियता के लिए महाराणा प्रताप को जाना जाता है। वही बतौर मंचस्थ अतिथि रतनगढ़ थाना इंचार्ज सी.आई गौरव खिड़िया ने कहा कि राजतंत्र में भी लोकतंत्र की झलक का प्रमाण थे महाराणा प्रताप जो अपने समय के सबसे लोकप्रिय व्यक्तित्व के धनी थे। समारोह का शुभारम्भ मंचस्थ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन तथा भारत माता, स्वामी विवेकानंद, महाराणा प्रताप के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि के सँग दीप मंत्र एवं राष्ट्रगीत वंदेमातरम से कार्यक्रम का विधिवत् शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अरुण जांगिड़, शिवप्रसाद महर्षि, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शिवभगवान कम्मा, सेवानिवृत प्रोफेसर कल्याणसिंह चारण, भारत विकास परिषद् शाखा अध्यक्ष परमेश्वरलाल आत्रेय बतौर अतिथि मंचस्थ थे। आहूत समारोह मे वासुदेव चाकलान , सत्यनारायण टेलर, मदनलाल कम्मा, ओमप्रकाश सांखोलिया, जयकांत बींवाल, कुलदीप व्यास, शरद शर्मा, राजेन्द्र बिदावत, हिमांशु मालपुरिया ने भी अपने विचार साझा किये। वही युवा कवि अरविंद मिश्रा द्वारा वीर बालक दूधा पर कविता प्रस्तुत की गई, संजय चारण द्वारा हल्दीघाटी गीत प्रस्तुत किया गया। समारोह मे आये समस्त अतिथियों व गणमान्य जनो का परिषद् के कोषाध्यक्ष राकेश नायक ने शाब्दिक आभार प्रकट किया तथा परिषद के नए बने सदस्यों श्यामसिंह राजपुरोहित, जीवराज झाझडिया, मुकेश राठौड़, पुरुषोत्तम सोनी का दुपट्टा पहना कर स्वागत् किया गया। कार्यक्रम का मंचीय संचालन युवा कवि मनोज चारण द्वारा किया गया। आहूत समारोह मे भारी संख्या मे नगर के गणमान्यजनो ने शिरकत कर देश भक्ति के भावो को आत्मसात किया।

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