चौमूं में बंदरों का आतंक, लोग घरों में कैद: खिड़की-दरवाजे बंद रखने को मजबूर, स्थायी समाधान का इंतजार - Dainik Bhaskar
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चौमूं शहर कई इलाकों में बंदरों का आंतक, लोगों ने प्रशासन से की स्थाई समाधान की मांग। चौमूं शहर की अशोक विहार कॉलोनी, तारा कॉलोनी और नया बाजार सहित कई इलाकों में बंदरों का आतंक बढ़...
चौमूं शहर कई इलाकों में बंदरों का आंतक, लोगों ने प्रशासन से की स्थाई समाधान की मांग। चौमूं शहर की अशोक विहार कॉलोनी, तारा कॉलोनी और नया बाजार सहित कई इलाकों में बंदरों का आतंक बढ़ गया है। इससे स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल है और उनका सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। . स्थानीय निवासियों राकेश शर्मा, अरविंद भातरा, राकेश कुमावत और भरत कुमार के अनुसार, लाल मुंह वाले बंदरों का झुंड गलियों, पेड़ों और मकानों की छतों पर घूमता रहता है। ये घरों में घुसकर खाद्य सामग्री और कपड़े उठा ले जाते हैं, साथ ही सामान को भी नुकसान पहुंचाते हैं। बंदर दुपहिया वाहनों को गिराने और कारों पर कूदने से भी नुकसान पहुंचाते हैं। लोग घरों से बाहर निकलने से बचते हैं और बच्चों को स्कूल छोड़ने या मंदिर जाने जैसे रोजमर्रा के कामों के लिए बंदरों के जाने का इंतजार करना पड़ता है। कई परिवार खिड़की-दरवाजे बंद रखकर घरों में रहने को मजबूर हैं। चौमूं में पिछले साल एक महिला की बंदर के हमले के दौरान मकान की छत से गिरने से मौत भी हो गई थी। बंदरों को भगाने की कोशिश करने पर उनके हमले का खतरा बना रहता है। पिछले कुछ वर्षों में बंदरों के हमलों में कई लोग घायल हुए हैं। गत वर्ष एक महिला की बंदर के हमले के दौरान मकान की छत से गिरने से मौत भी हो गई थी, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। समस्या के समाधान के लिए व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने पूर्व में तत्कालीन एसडीएम को ज्ञापन देकर बंदरों से निजात दिलाने की मांग की थी, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। लोगों ने प्रशासन और नगर परिषद से प्रभावी अभियान चलाकर इस उत्पात से राहत दिलाने की अपील की है। इस संबंध में चौमूं नगर परिषद के स्वास्थ्य निरीक्षक जयकिशन सैनी ने बताया कि वर्तमान में बंदर पकड़ने का ठेका नहीं है। उन्होंने कहा कि ठेके की प्रक्रिया चल रही है और ठेका होने के बाद बंदरों को पकड़कर अन्यत्र छुड़वाया जाएगा। Source: Google Rajasthan
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