Rajasthan Cyber Crime: फर्जी ट्रेडिंग ऐप से 92.75 लाख की साइबर ठगी, बारां पुलिस ने चौथे आरोपी को दबोचा

 Rajasthan Cyber Crime:  फर्जी ट्रेडिंग ऐप से 92.75 लाख की साइबर ठगी, बारां पुलिस ने चौथे आरोपी को दबोचा

AI Sync — अपराध

राजस्थान के बारां जिले में फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए 92.75 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस केस में अब तक...

राजस्थान के बारां जिले में फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए 92.75 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस केस में अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में सामने आया है कि साइबर ठगी का यह नेटवर्क फर्जी बैंक खातों और दस्तावेजों के जरिए संचालित किया जा रहा था, जिसके तार मुंबई से लेकर दुबई तक जुड़े हुए हैं। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि बारां निवासी विष्णु गालव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सितंबर 2025 में एक महिला ने मैसेंजर ऐप के जरिए खुद को “हरमन कौर” बताकर उससे संपर्क किया। आरोपी महिला ने खुद को बेंगलुरु की कंपनी में कार्यरत बताकर भरोसा जीता और बाद में उसे टेलीग्राम के माध्यम से एक ट्रेडिंग ऐप से जोड़ दिया। शुरुआत में निवेश पर 54 हजार रुपये का मुनाफा दिखाकर पीड़ित का विश्वास हासिल किया गया। इसके बाद पीड़ित और उसकी पत्नी से अलग-अलग किश्तों में लाखों रुपये निवेश करवाए गए। जब रकम निकालने की कोशिश की गई तो “फॉरेन मनी एक्सचेंज फीस” और “ट्रेडिंग फीस” के नाम पर और पैसे जमा कराने का दबाव बनाया गया। तभी पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। यह भी पढें- पीएम फसल बीमा योजना घोटाला: SBI शाखा में 9 करोड़ रुपये का हुआ फर्जी क्लेम, कृषि मंत्री किरोड़ी ने किया खुलासा पुलिस जांच में सामने आया कि अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच पीड़ित दंपती के खातों से विभिन्न बैंकों के जरिए कुल 92.75 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। इसके बाद साइबर थाना बारां में भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी और साइबर डीएसपी अशोक चौधरी के निर्देशन में गठित टीम ने बैंक खातों, ट्रांजेक्शन हिस्ट्री और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने सामाजिक संस्था और चंदे के नाम पर लोगों के बैंक खाते खुलवाए और उनके एटीएम, पासबुक व सिम कार्ड अपने कब्जे में लेकर साइबर ठगी में इस्तेमाल किए। पुलिस ने मामले में चार्ल्स रोडरिग पुत्र सिरील जोसेफ निवासी कटनी, मध्यप्रदेश को प्रोडक्शन वारंट पर जिला जेल कटनी से गिरफ्तार किया। आरोपी पहले से एक अन्य ठगी मामले में जेल में बंद था। पूछताछ में उसने साइबर नेटवर्क और बैंक खातों के दुरुपयोग से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह का नेटवर्क अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हो सकता है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

https://jgnews.live/article/69fd8ed4d0944ef9dc6e93d7