Tonk News: कांस्टेबल भागचंद सैनी हत्याकांड का खुलासा, शिकारियों ने उतारी थी जांबाज पुलिसकर्मी के सीने में ग...
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टोंक. टोंक पुलिस ने कांस्टेबल भागचंद सैनी हत्याकांड की गुत्थी को सुलझा लिया है. पुलिस ने सैनी की हत्या के आरोप में दो शिकारियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने अपनी अवैध...
टोंक. टोंक पुलिस ने कांस्टेबल भागचंद सैनी हत्याकांड की गुत्थी को सुलझा लिया है. पुलिस ने सैनी की हत्या के आरोप में दो शिकारियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने अपनी अवैध गतिविधियों को छिपाने के लिए एक जांबाज पुलिसकर्मी की जान ले ली थी. इस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था. लेकिन पुलिस की तत्परता ने आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है. कांस्टेबल की हत्या के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था. दो दिन पहले कांस्टेबल का लहूलुहान शव जंगल में पड़ा मिला था. टोंक पुलिस की गिरफ्त में आरोपी शिकारी. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतनलाल भार्गव ने बनेठा थाने की ककोड़ चौकी में तैनात कांस्टेबल भागचंद सैनी की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस वारदात को अंजाम राजेश मीणा और दिलराज मीणा ने दिया था. दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. ये दोनों आरोपी बीते शनिवार रात को जंगल में शिकार करने के इरादे से आए थे. लेकिन जब ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल भागचंद ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो आरोपियों ने उसे बंदूक से गोली मारी और चाकू से वार किया. इससे भागचंद सैनी की मौके पर ही मौत हो गई. रविवार को सुबह भागचंद का शव पड़ा मिला था. आरोपियों ने भागचंद के सीने में मारी थी गोली आरोपी राजेश मीणा और दिलराज मीणा से टोपीदार बंदूक, छर्रे, बारूद और छुर्रा बरामद किया गया है. वारदात में काम ली गई एक बाइक भी जब्त की गई है. ASP भार्गव ने बताया कि भागचंद सैनी गश्त पर थे. उन्होंने साहस दिखाते हुए शिकारियों का सामना किया और उन्हें सरेंडर करने को कहा. खुद को फंसता देख आरोपियों ने अपनी टोपीदार बंदूक से सीधे भागचंद के सीने में गोली मार दी. घटना के बाद पुलिस ने तुरंत 4 विशेष टीमों का गठन किया. तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर दोनों को धरदबोचा. राजकीय सम्मान के साथ किया गया था अंतिम संस्कार इस वारदात के बाद भागचंद सैनी के परिजनों और समाज में भारी रोष व्याप्त हो गया था. रविवार को दिनभर प्रशासन के साथ मुआवजे और अन्य मांगों पर सहमति बनने के बाद ही शव का पोस्टमार्टम हो सका. उसके बाद रविवार शाम को शहीद कांस्टेबल भागचंद सैनी का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया था. कर्तव्य की राह पर अपना बलिदान देने वाले भागचंद सैनी की बहादुरी को आज पूरा टोंक सलाम कर रहा है. पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि इस शिकार गिरोह के नेटवर्क का भी पता लगाया जा सके. सैनी के परिवार को सरकार की तरफ से 1.10 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. वहीं परिवार एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी.