कोटा कलेक्ट्रेट को उड़ाने की धमकी, कलेक्टर की ID पर तमिल में आया संदिग्ध ईमेल - Live Hindustan

कोटा कलेक्ट्रेट को उड़ाने की धमकी, कलेक्टर की ID पर तमिल में आया संदिग्ध ईमेल - Live Hindustan

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राजस्थान के कोटा शहर में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब कलेक्ट्रेट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचन...

राजस्थान के कोटा शहर में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब कलेक्ट्रेट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। यह धमकी कलेक्टर की ऑफिशियल ईमेल आईडी पर तमिल भाषा में भेजे गए एक संदिग्ध ईमेल के जरिए दी गई थी। राजस्थान के कोटा शहर में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब कलेक्ट्रेट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। यह धमकी कलेक्टर की ऑफिशियल ईमेल आईडी पर तमिल भाषा में भेजे गए एक संदिग्ध ईमेल के जरिए दी गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड में आ गए और सुरक्षा एजेंसियों को मौके पर बुलाया गया। परिसर खाली कर शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर को एहतियातन खाली करवाया गया। इसके बाद एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS), बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया। सुबह करीब 9 बजे से शुरू हुई यह जांच कई घंटों तक चली, जिसमें परिसर के हर कोने की बारीकी से जांच की गई। सीकर के लिए भेजा गया था मूल ईमेल अतिरिक्त जिला कलेक्टर अनिल सिंघल ने बताया कि कलेक्टर की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक संदिग्ध मेल प्राप्त हुआ था, जो मूल रूप से सीकर कलेक्ट्रेट के लिए भेजा गया था। हालांकि, यह ईमेल फॉरवर्ड होकर कोटा सहित अन्य स्थानों पर भी पहुंच गया। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया और तत्काल कार्रवाई करते हुए सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। हर कोने की जांच, कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला एडिशनल एसपी नियति शर्मा के अनुसार, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी मुस्तैदी के साथ जांच की। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट परिसर के हर हिस्से की गहन तलाशी ली गई, लेकिन कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि नहीं मिली। वहीं, एसडीआरएफ इंस्पेक्टर एकता हाड़ा ने बताया कि उनकी टीम ने भी मौके पर पहुंचकर सर्च अभियान में भाग लिया और तकनीकी उपकरणों की मदद से जांच को अंजाम दिया। कलेक्टर बोले- तमिल में था मेल, एहतियातन जांच करवाई कोटा कलेक्टर पीयूष समारिया ने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि ईमेल तमिल भाषा में लिखा गया था और इसे सीकर कलेक्ट्रेट को भेजा गया था। इस ईमेल में कोटा सहित कई अन्य अधिकारियों को भी सीसी में रखा गया था। उन्होंने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया गया और तत्काल सुरक्षा उपाय अपनाए गए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद स्थिति पूरी तरह सामान्य है। पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां गौरतलब है कि कोटा में इस तरह की धमकी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कलेक्ट्रेट और शहर के प्रमुख कोचिंग संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिल चुके हैं। उन मामलों में भी सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया था, लेकिन कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली थी। साइबर जांच में जुटी पुलिस, सुरक्षा बढ़ाई गई फिलहाल पुलिस इस ईमेल की तकनीकी जांच में जुटी हुई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी देने वाला व्यक्ति या समूह कौन है और उसका मकसद क्या था। साइबर सेल की मदद से ईमेल के स्रोत और आईपी एड्रेस का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इस घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं और आमजन से अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई है। लेखक के बारे में Sachin Sharma सचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान) सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है। सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया। शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं। और पढ़ें Source: Google Rajasthan

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