एंबुलेंस-पुलिस जीप में ड्राइवर बनने का झांसा दिया: 40 हजार रुपए हड़पे, किडनैप करने की कोशिश की; बहाना बना कर... - Dainik Bhaskar

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बाड़मेर में युवक को 108 एम्बुलेंस और पुलिस की 112 गाडी में ड्राइवर की नौकरी लगाने का झांसा देकर 40 हजार रुपए ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ित से ठग...

बाड़मेर में युवक को 108 एम्बुलेंस और पुलिस की 112 गाडी में ड्राइवर की नौकरी लगाने का झांसा देकर 40 हजार रुपए ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ित से ठगों ने 10 हजार डी.डी और 50 हजार रुपए ऊपर की डिमांड की थी। नौकरी लगाने के लिए जयपुर बुलाया। एक ऑडियो भी स . मामला बाड़मेर जिले के सेड़वा थाना इलाके का है। पीड़ित की रिपोर्ट पर सेड़वा पुलिस ने रविवार को 3 के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। सेड़वा थाना इंचार्ज प्रभुराम ने बताया- 3 आरोपियों के खिलाफ नौकरी का झांसा देने का मामला दर्ज किया है। जांच शुरू कर दी है। दरअसल, बाखासर निवासी विक्रमसिंह (28) पुत्र हाकम सिंह ने पुलिस थाना सेड़वा को रिपोर्ट दी। जिसमें बताया- 13 फरवरी को चौहटन गया था। वहां पर प्रदीप कुमार उर्फ पपू उर्फ भूराणी गर्ग मीडिया के मोबाइल नंबर वॉट्सऐप स्टेट्स पर 108 और 112 में ड्राइवर (पायलट) EMRI Green Health Services में वैकेंसी का फोटो लगा था। नौकरी लगाने के लिए मांगे 50 हजार रुपए प्रदीप कुमार ने 10 हजार रुपए की डीडी बनाकर ऊपर के 50 हजार रुपए खर्च के मांगे। नौकरी गारंटी से दिलाने का भरोसा दिलाया। 10 हजार की डीडी एसबीआई बैंक सेड़वा से बनाई थी। जयपुर में नरेश कुमार से मोबाइल बात कर डीडी और डॉक्यूमेंट बस से भेज दिए। 50 हजार रुपए की डिमांड करने लगे। पीड़ित विक्रमसिंह ने 30 हजार रुपए किए थे ट्रांसफर। 15 दिन में रुपए नहीं देने पर हो फॉर्म हो जाएगा कैंसिल प्रदीप कुमार ने 15 दिन में 50 हजार रुपए नहीं देने पर आवेदन कैसिंल हो जाएगा। 30 अप्रैल को पीड़ित ने अपने भाई गजेंद्र सिंह के फोन पे से 30 हजार रुपए खातेदार करमचंद पुत्र मोहन वागेला में ट्रांसफर करवाएं। बाकी 20 हजार रुपए जयपुर में नरेश से मिलकर देने का दबाव बनाया। कहां पर नरेश कुमार हाथोहाथ जॉइनिंग करवा देगा। जयपुर ऑफिस पहुंचने पर सामने आई असलियत विक्रमसिंह ने रिपोर्ट में बताया- जयपुर में ग्रीन हेल्थ सर्विस के ऑफिस पहुंचा। तो नरेश को फोन किया तब उसने बाहर ही खड़े रहने को कहा। तब शक होने पर ऑफिस में जाकर डीडी और फार्म जमा होने की जानकारी मांगी तो उन्होंने मना कर दिया। फिर नरेश ने ऑफिस के पीछे मुझे बुलाया। किडनैप करने की नीयत से गाड़ी में बैठाया नरेश मैने डॉक्युमेंट मांगे तो उसने मुझे किडनैप करने की नीयत से गाड़ी में बैठा दिया। 20 हजार रुपए की डिमांड करने लगा। विक्रम सिंह ने बहाना बनाया, मेरे दोस्त के पास 20 हजार रुपए हैं मैं लेकर आता हूं। तब वहां से जान बचाकर भागा। 5 मिनट का ऑडियो आया सामने प्रदीप और विक्रम सिंह के बातचीत का एक ऑडियो भी सामने आया है। जिसमें प्रदीप विक्रम सिंह से रुपए की डिमांड करने के साथ 108 एम्बुलेंस और 112 पुलिस की गाडी में ड्राइवर की नौकरी लगाने का झांसा दिया जा रहा है। जिसमें युवक पूछ रहा है कि ऐसा नहीं हो कि बाड़मेर से बाहर कहीं लगा दे, तब ठगी करने वाला प्रदीप रामसर और चौहटन पुलिस वृत में लगाने का भरोसा दिला रहा है। Source: Google Rajasthan

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