राजपुरोहित समाज के गुरुकुल में वार्षिकोत्सव 10 मई को: देशभर से शामिल होंगे समाजबंधु; पांच गुरुकुल में दी जा... - Dainik Bhaskar
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ब्रह्मऋषि खेतेश्वर वेद विज्ञान गुरुकुल का वार्षिकोत्सव धरोहर 2026 का आयोजन 10 मई को खेतेश्वर गुरुकुल मायलावास में किया जाएगा। अखिल भारतीय राजपुरोहि...
ब्रह्मऋषि खेतेश्वर वेद विज्ञान गुरुकुल का वार्षिकोत्सव धरोहर 2026 का आयोजन 10 मई को खेतेश्वर गुरुकुल मायलावास में किया जाएगा। अखिल भारतीय राजपुरोहित समाज विकास संस्थान की ओर से यह गुरुकुल संचालित किया जा रहा है। इसमें राज्यपाल हरिभाऊ बागडे मुख्य अतिथ . कार्यक्रम को लेकर ब्रह्मधाम आसोतरा के वेदांताचार्य डॉक्टर ध्यानाराम महाराज ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समाज में शिक्षा के साथ संस्कारों का पाठ पढ़ाने के उद्देश्य से सबसे पहले 2 जुलाई 2016 को मायलावास में गुरुकुल की स्थापना की गई थी। वर्तमान में समाज के पांच गुरुकुल संचालित किया जा रहे हैं। जो मायलावास (बालोतरा), बिजरोल खेड़ा, सायला, रायथल, (जालोर) ओर सवाई छोटी चूरू में स्थापित हैं। इनके माध्यम से नई शिक्षा नीति के तहत समाज के बच्चों को हिंदी, इंग्लिश के साथ ही वेदों का अध्ययन संस्कृत भाषा में करवाया जा रहा है। वेदांताचार्य डॉक्टर ध्यानाराम ने बताया- वार्षिकोत्सव में पांचों गुरुकुल के ऋषि कुमार शामिल होंगे। इसमें ब्रह्म धाम आसोतरा के सदगुरुदेव तुलसाराम महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर निर्मल दास महाराज मौजूद रहेंगे। वहीं भारतीय प्रशासनिक सेवा के गुजरात कैडर के IAS गंगा सिंह दण्डाली, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक निंबाराम भी शामिल होंगे। पौराणिक शिक्षा अच्छे व्यक्तित्व के निर्माण के लिए आवश्यक वेदांताचार्य डॉक्टर ध्यानाराम ने बताया- आज के समय में आधुनिक शिक्षा भी जरूरी है, लेकिन हमारे ऋषि मुनियों की पौराणिक शिक्षा भी एक अच्छे व्यक्तित्व के निर्माण के लिए आवश्यक है। इसलिए इन गुरुकुलों में वेद विज्ञान की पौराणिक पढ़ाई के साथ ही ऋषि कुमारों को हिंदी और अंग्रेजी की पढ़ाई भी करवाई जा रही है। इससे यह अपने क्षेत्र में कीर्तिमान गढ़ सकें। इसके अलावा उन्हें नित्य योग, प्राणायाम, ध्यान के अलावा उन्हें नैतिक शिक्षा संस्कारों का पाठ भी पढ़ाया जा रहा है। आगामी वर्षों में इन गुरुकुलों की संख्या में और भी बढ़ोतरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इस साल 530 विद्यार्थी पढ़ रहे गुरुकुल के 11 ऋषि कुमारों ने अलग-अलग खेल प्रतियोगिताओं में राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर गुरुकुल का नाम रोशन किया। वर्ष 2026-27 सत्र में इन गुरुकुल में 530 विद्यार्थी हैं, जो 13 जिलों से यहां पढ़ने के लिए आए हैं। Source: Google Rajasthan