Rajasthan News: स्वास्थ्य सेवाएं ठप, अवकाश भुगतान अटका, महासंघ ने दी प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी - Amar Ujala

Rajasthan News: स्वास्थ्य सेवाएं ठप, अवकाश भुगतान अटका, महासंघ ने दी प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी - Amar Ujala

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राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बार फिर टकराव की स्थिति बनती दिख रही है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक...

राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बार फिर टकराव की स्थिति बनती दिख रही है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी लंबित मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) को ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की। महासंघ का कहना है कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों की अनदेखी कर रही है, जिससे व्यापक असंतोष फैल रहा है। विज्ञापन विज्ञापन ये भी पढ़ें: Rajasthan: 'विदेशी भाषा कौशल कार्यक्रम से युवाओं को वैश्विक अवसर, 351 परीक्षाएं पारदर्शी'; CM भजनलाल ने कहा आंदोलन की सबसे बड़ी वजह राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम का ठप होना बताया गया है। पिछले एक महीने से कई निजी अस्पतालों ने इस योजना के तहत इलाज बंद कर दिया है। इससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों के वेतन से नियमित कटौती होने के बावजूद उन्हें इलाज, दवाइयों और जांच के लिए भटकना पड़ रहा है। कैंसर और गुर्दा रोग जैसे मामलों में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। इसके अलावा लीव एनकैशमेंट के भुगतान पर अघोषित रोक भी कर्मचारियों में रोष का बड़ा कारण बनी हुई है। महासंघ के उपाध्यक्ष अजयवीर सिंह के अनुसार वित्तीय वर्ष में देय भुगतान एक माह से अधिक समय बीतने के बावजूद जारी नहीं किया गया है। इससे कर्मचारियों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महासंघ ने सरकार को दो टूक शब्दों में चेताया है कि यदि जल्द चिकित्सा सुविधाएं बहाल नहीं की गईं और अवकाश भुगतान जारी नहीं हुआ तो प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। राठौड़ ने कहा कि कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा लेना सरकार को महंगा पड़ सकता है और इसके लिए कर्मचारी मजबूरन सड़क पर उतरेंगे। इस प्रतिनिधिमंडल में देवेन्द्र सिंह नरूका, ओमप्रकाश चौधरी, बहादुर सिंह, शशि शर्मा, नरपत सिंह, पप्पू शर्मा, राजेंद्र शर्मा और पहलाद राय अग्रवाल सहित कई पदाधिकारी शामिल रहे। Source: Google Rajasthan

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